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कन्हैया कुमार(Kanhaiya Kumar) पूर्व JNU छात्र नेता ने कांग्रेस में शामिल होने पर क्या कहा

आज JNU के पूर्व छात्र अध्यक्ष कन्हैया कुमार(Kanhaiya Kumar) ने विधिवत रूप से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है. कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद कन्हैया कुमार ने कांग्रेस को लेकर अपने विचार प्रकट किए हैं.

कन्हैया कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा की कांग्रेस सिर्फ एक पार्टी नहीं है बल्कि कांग्रेस एक विचारधारा का नाम है. कन्हैया कुमार ने आगे कहा कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है और मैं ही नहीं बल्कि बहुत सारे लोगों का मानना है कि यह देश कांग्रेस के बिना सरवाइव नहीं कर सकता. कन्हैया कुमार के अनुसार आज देश को कांग्रेस की बेहद जरूरत है.

वैसे कन्हैया कुमार जब CPI में थे उस वक्त  भी कांग्रेस का कभी  खुले तौर पर विरोध नहीं किया था. मालूम हो कि जब कन्हैया कुमार को 2016 में JNU कैंपस में देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उस समय वकील के रूप में उनकी मदद करने के लिए कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी जैसे वरिष्ठ कांग्रेस  नेता सबसे पहले सामने आए थे.

YouTube पर कई ऐसे वीडियो हैं जिसमें इंटरव्यू के दौरान कन्हैया कुमार ने मुक्त कंठ से कांग्रेस की तारीफ़ की थी. कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने के बाद बिहार की राजनीति पर इसका गहरा असर पड़ सकता है.

कन्हैया कुमार एक मुखर वक्ता के रूप में जाने जाते हैं. उनके जवाब तर्कपूर्ण होते हैं जिस कारण सामने वाले को वह लाजवाब कर देते हैं. अगर देखा जाए तो कांग्रेस में खासकर हिंदी बोलने वाले प्रखर वक्ताओं की कमी है.

लेकिन साथ ही कन्हैया के कांग्रेस में शामिल होने के कारण कांग्रेस को मुश्किलों का सामना भी करना पड़ सकता है. क्योंकि बीजेपी को बैठे बिठाए कांग्रेस पर हमला करने का एक हथियार मिल जाएगा.

बीजेपी हमेशा से कन्हैया कुमार और उनके जेएनयू के सहयोगियों को राष्ट्र विरोधी के रूप में दर्शाते आ रही है और राष्ट्र भक्ति के नाम पर बीजेपी निकट भविष्य में यूपी में संपन्न होने वाले चुनाव में भी कन्हैया  पर माहौल बना सकती है, ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा है.

वहीं कांग्रेस के सामने एक और मुश्किल है वह है कन्हैया कुमार और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के बीच तना-तनी. वैसे तेजस्वी यादव और कन्हैया के बीच की तनातनी कभी प्रमुखता से सामने नहीं आई है, सिर्फ एक मौके को छोड़कर जब बेगूसराय सीट से चुनाव लड़ने के दौरान कन्हैया कुमार के खिलाफ आरजेडी ने अपने प्रत्याशी को उतारा था. वैसे यह बात जितनी छोटी लगती है उतनी छोटी है नहीं चुनावी हार को पचा पाना इतना आसान नहीं होता.

दूसरी बात तेजस्वी यादव बिहार के युवा चेहरा हैं और अभी उनके सामने बिहार में और कोई युवा नेता ऐसा नहीं है जो उनको चुनौती दे पाए. कन्हैया कुमार के आने के बाद तेजस्वी के सामने एक संकट पैदा हो सकता है. क्योंकि अभी तक कन्हैया कुमार बिहार में किसी भी दल के प्रमुख चेहरा नहीं थे.

कन्हैया कुमार खासकर दलित और मुस्लिम आबादी में ज्यादा लोकप्रिय हैं. साथ ही युवाओं में भी उनकी गहरी पैठ है. इन्हीं सब बातों को देखते हुए कांग्रेस ने कन्हैया कुमार को अपने दल में शामिल किया है.

मालूम हो कि आज कन्हैया कुमार के साथ साथ गुजरात के चर्चित चेहरे और दलित नेता जिग्नेश मेवानी भी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. जिग्नेश मेवानी गुजरात विधानसभा में निर्दलीय सदस्य हैं. जिग्नेश मेवानी गुजरात में एक तेजतर्रार दलित नेता के रूप में पहचाने जाते हैं और अक्सर नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए देखे जाते हैं.

जिग्नेश मेवानी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद गुजरात में कांग्रेस को कुछ लाभ मिलने की संभावना है. गुजरात में पहले ही कांग्रेसमें युवा चेहरे के रूप में हार्दिक पटेल हैं. एक और युवा चेहरा अल्पेश ठाकुर जो कि कांग्रेस में शामिल हुए थे लेकिन उन्होंने जल्द ही कांग्रेस के दामन को झटक कर बीजेपी का दामन थाम लिया था.

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