Mahatma Gandhi

Mahatma Gandhi Martyrs Day: गांधी की मौत त्रासदी से कम नहीं, हम जब-जब गोडसे को याद करते हैं तब-तब गांधी की हत्या होती है

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Mahatma Gandhi Martyrs Day: 30 January 1948 भारतीय इतिहास का एक ऐसा दिन जब एक सिरफिरे व्यक्ति Nathuram Godse ने महात्मा गांधी की नहीं बल्कि मानवता की हत्या की थी

30 जनवरी 1948 महात्मा गांधी की हत्या वाला दिन जिसे Martyrs Day के रूप में मनाया जाता है. महात्मा गांधी की हत्या भारतीय इतिहास में कभी ना भूली जाने वाली घटना है.

एक सनकी आदमी द्वारा महात्मा गांधी को गोली मारना जिसे लेकर आज तक यह रहस्य बना हुआ है कि आखिर नाथूराम गोडसे(Nathuram Godse) ने महात्मा गांधी को क्यों मारा.

यह कहने या लिखने में भारत  ही नहीं बल्कि विश्व के किसी भी जिम्मेदार नागरिक को संकोच नहीं होना चाहिए कि अगर गांधी को महात्मा रूप में स्वीकार करना है तो गोडसे से दूरी बनानी होगी क्योंकि द्वंद से कभी भी सत्य का साक्षात्कार नहीं हो सकता और गांधी को स्वीकार करने का अर्थ है सत्य को अंगीकार करना.

भारत एक आजाद मुल्क है और यहां हर किसी को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता है और यह उसका मौलिक अधिकार भी है जिसे भारतीय संविधान ने उसे दिया है.

लेकिन यह जानना जरूरी है कि मौलिक अधिकार की भी कुछ सीमाएं और मर्यादा है जिसे अक्सर लोग भूल जाते हैं.

कभी भाषा तो कभी चित्र और चल चित्र के माध्यम से महात्मा गांधी को मारने वाले व्यक्ति का समर्थन और महिमामंडन किया जाता है. हैरत की बात क्या है कि ट्विटर फेसबुक इत्यादि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे समर्थकों की भीड़ है.

इसे त्रासदी कहें या फिर किसी समूह या व्यक्ति की सोची समझी साजिश की जहां लोगों की धार्मिक भावना किसी छोटी सी बात से आहत हो जाती है वहीं गांधी जैसे धर्म परायण व्यक्ति पर ओछी टिप्पणी करने वालों को शाबाशी देने वालों की भीड़ है.

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