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LOCKDOWN IN BIHAR: बिहार में लॉकडाउन बढ़ने से सरकार चाहे जो कहे लेकिन आम जनता खुश नहीं जानिए किन पाबंदियों का आपको रखना होगा ध्यान

LOCKDOWN को BIHAR में फिर एक हफ्ते तक बढ़ाया गया, दूकानें बंद लेकिन ONLINE SHOPPING को छूट

बिहार में LOCKDOWN के कारण COVID-19 संक्रमण में कमी आने से यहां की नीतीश सरकार ने लॉकडाउन को 1 सप्ताह तक और बढ़ा दिया है.

अब यह लॉकडाउन 1 जून तक जारी रहेगा. मालूम हो कि बिहार में corona की दूसरी लहर के दौरान 5 मई को लॉक डाउन लगाया गया था.

जिसे 2 बार विस्तार दिया गया था. अंतिम विस्तार की समय सीमा 25 मई को खत्म होने वाली है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लॉकडाउन के अच्छे प्रभाव को देखते हुए इसे 1 सप्ताह तक और बढ़ाने का फैसला किया गया है.

निश्चित तौर पर ऐसा है कि लॉकडाउन के कारण बिहार में संक्रमण में कमी आई है. लेकिन इससे आम जनजीवन पर बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ा है.

खासकर मजदूर वर्ग और व्यापारी वर्गों पर. जहां तक बात ई कॉमर्स सेक्टर को लेकर है तो उन पर किसी भी प्रकार की पाबंदी नहीं है. जिसके कारण दुकानदारों और छोटे बड़े व्यापारियों में गुस्से का माहौल है.

भले ही नीतीश सरकार यह कहे कि सभी व्यापारी वर्ग या बिहार की सभी जनता यह चाहती है कि लॉकडाउन लगे लेकिन ऐसा नहीं है.

LOCKDOWN का संक्रमण पर कितना प्रभाव

अगर बिहार में कोरोना संक्रमण के आंकड़ों की बात करें तो अब यहां संक्रमण की दर 3% पर पहुंच गई है. जोकि एक आशा जनक परिणाम है.

नीतीश कुमार इसके इसके पीछे लॉक डाउन का कारगर होना बता रहे हैं. वर्तमान में बिहार में लगभग 40691 सक्रिय मरीज हैं. यानी जिनका अभी इलाज चल रहा है.

रविवार को 107 लोगों की मौत corona संक्रमण के कारण हो गई थी. अगर बात स्वस्थ होने की दर की करें तो यह दर 1 दिन पहले जहां 93.80 थी वहीं आज 93.4 4 पर आ गई है.

लेकिन ये सभी आंकड़ों की बातें हैं. सच्चाई अभी भी इससे अलग है. सरकार को खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं पर जोर देने की आवश्यकता है.

नीतीश कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग को बढ़ाया जाएगा. इसके लिए मोबाइल rt-pcr की व्यवस्था की जाएगी. जो कि ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों के सैंपल लेंगी.

अब देखना यह है कि कोरोना की तीसरी लहर से बिहार अपने आप को बचा पाता है या नहीं. अगर corona की तीसरी लहर बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों को अपने प्रभाव में लेगी तो खासकर छोटे बच्चों में संक्रमण की दर बढ़ सकती है.

इन पाबंदियां को एक हफ्ते तक यानी 26 मई से 1 जून तक जारी रखा गया है

सभी सरकारी-प्राइवेट ऑफिस बंद रहेंगे. इनमें सिर्फ जरूरी सेवाओं से संबंधित कार्यालय खोले जा सकेंगे.
सड़क पर सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन बंद रहेगा. अनावश्यक पैदल निकलने पर भी प्रतिबंध
सभी स्कूल/कॉलेज/कोचिंग संस्थान/ ट्रेनिंग एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान 1 जून तक बंद रहेंगे.
सरकारी स्कूल/कॉलेजों में किसी प्रकार के परीक्षाओं का आयोजन नहीं किया जाएगा.
सभी धार्मिक स्थल, सामाजिक/राजनीतिक/मनोरंजन/ खेल-कूद/ शैक्षणिक/ सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन/ समारोह पर प्रतिबंध पूर्व की भांती ही लागू रहेंगे.
सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, क्लब, स्विमिंग पूल, स्टेडियम, जिम, पार्क इत्यादी भी बंद रहेंगे.

सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के सरकारी एवं निजी आयोजन पर रोक जारी रहेगी.

लॉकडाउन के दौरान इनको मिलेगी छूट…

अस्पताल एवं अन्य संबंधित स्वास्थ्य प्रतिष्ठान (पशु स्वास्थ्य सहित), दवा दुकानें, मेडिकल लैब, नर्सिंग होम, एम्बुलेंस सेवाओंं को छूट प्राप्त होगी.
ठेले पर घूमकर फल-सब्जी बेचने वाले (शहरी क्षेत्रों में सुबह 6 से 10 बजे तक तथा गांवों में सुबह 8 से 12 बजे तक)
रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकानें केवल होम डिलीवरी के लिए सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक खुली रहेंगी.
ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा तथा शहरी क्षेत्रों में शहरी रोजगार योजना के अन्तर्गत किए जाने वाले कार्योंं को इससे अलग अलग रखा गया है.

शादी विवाह के लिये क्या होंंगे नियम

शादियों में 20 लोगों की अनुमति रहेगी . बारात, जुलूस और DJ नहीं रहेंगे. इसके लिए 3 दिन पहले नजदीकी थाने को सूचना देनी होगी अंतिम संस्कार-श्राद्ध और दफन में भी 20 व्यक्तियों की अनुमति होगी.

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