लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) साढ़े 3 साल बाद पटना पहुंच रहे हैं, पटना पहुंचने से पहले ही कुशेश्वरस्थान सीट और कांग्रेस(Congress) को लेकर कही बड़ी बात

लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) एक बार फिर से राजनीति में सक्रिय भूमिका में नज़र आ रहे हैं. लगभग साढे 3 साल बाद आज वह दिल्ली से पटना पहुंच रहे हैं. दिल्ली से पटना पहुंचने के पहले एयरपोर्ट पर उन्होंने मीडिया से बिहार में होने वाले उपचुनाव और कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर एक बड़ा बयान दिया है.

लालू प्रसाद यादव ऐसे राजनेता है जो अपने बयानों से हमेशा सुर्खियों में रहते हैं. आज जब वह दिल्ली से पटना के लिए रवाना हो रहे थे तो बिहार में कांग्रेस और आरजेडी के बीच चल रही उठापटक पर लालू प्रसाद यादव ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया.

भक्त चरण दास पर लालू प्रसाद यादव हुए लाल पीले

सुनिए लालू प्रसाद यादव ने कॉन्ग्रेस, महागठबंधन, उपचुनाव और आरजेडी(RJD) में तेजस्वी और तेजप्रताप यादव में चल रही तनातनी पर क्या कहा

आज लालू प्रसाद के निशाने पर कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास थे. लालू यादव ने साफ कहा कि हमने कुशेश्वरस्थान सीट कॉन्ग्रेस को नहीं दिया, क्या हम कांग्रेस को यह सीट  हार जाने के लिए देते.

साथ ही लालू प्रसाद यादव ने महागठबंधन में कांग्रेस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए. लालू प्रसाद यादव ने कहा अब कैसा गठबंधन. मालूम हो कि बिहार में 2 सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं. जहां आरजेडी(RJD) और कांग्रेस आमने-सामने हैं.

कांग्रेस की मांग थी कि कुशेश्वरस्थान सीट से उसे दी जाए लेकिन आरजेडी ने कांग्रेस की मांग पर कोई विचार नहीं किया और अपना उम्मीदवार वहां से खड़ा कर दिया. आरजेडी  इसके पीछे जो तर्क दे रही है वह यह है कि गठबंधन का एक ही धर्म है कि उसी पार्टी के उम्मीदवार को उतारा जाए जो जीत दर्ज कर सके और बीजेपी को हरा सके.

तेजस्वी तेजप्रताप में नहीं है मनमुटाव लालू प्रसाद यादव ने कहा दोनों साथ साथ

लालू प्रसाद यादव ने अपने दोनों बेटों के बीच चल रहे मतभेदों पर भी बात की. लालू प्रसाद यादव ने कहा कि मेरे दोनों बेटों के बीच कोई भी मतभेद नहीं है. और दोनों बेटे साथ मिलकर काम करेंगे.

मालूम हो कि पिछले कुछ दिनों से लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटों के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक अलग छात्र संगठन का गठन किया है. जिसको लेकर ऐसा कहा जा रहा है कि तेज प्रताप यादव अब आरजेडी के साथ नहीं है.

जब तेज प्रताप यादव से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. यह तो छात्रों का संगठन है. जिसे की छात्रों के लिए बनाया गया है. लेकिन सियासी हलकों में यह बात किसी को पच नहीं रही है कि जब आरजेडी छात्र इकाई पहले से मौजूद है तो फिर एक नए छात्र संगठन को बनाए जाने की क्या जरूरत थी.

कन्हैया कुमार के कांग्रेस में आने के बाद कांग्रेस और RJD में बढ़ी दूरियां

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की तरफ से कन्हैया कुमार ने बिहार में मोर्चा संभाल लिया है और यह जगजाहिर है कि कन्हैया कुमार और लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव के बीच छत्तीस का आंकड़ा है.

कन्हैया कुमार ने मोर्चा संभालते ही आरजेडी पर जोरदार हमला भी बोला है. उन्होंने नाम लिए बिना ही आरजेडी के प्रवक्ता मनोज कुमार झा पर भी हमला बोला और उन्हें पढ़ा-लिखा लाठी वाला लठैत तक कह दिया.

जब राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा से कन्हैया कुमार के द्वारा दिए गए इस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने साफ कहा कि हम यह दुआ करते हैं कि कन्हैया कुमार बहुत आगे जाएं और अच्छा करें. लेकिन किसी पर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है.

मनोज कुमार झा ने कहा कि आरजेडी हमेशा से कांग्रेस के साथ रही है. चाहे वह अच्छे दिन हो या बुरे दिन हो आरजेडी ने कभी साथ नहीं छोड़ा. कांग्रेस के उम्मीदवार उतारने के सवाल पर मनोज कुमार झा ने कहा गठबंधन में उम्मीदवार उसी को उतारना चाहिए जो कि जीत सके. मनोज कुमार झा ने इशारों इशारों में उपचुनाव वाले स्थान पर जातीय गणित की और भी संकेत दिया.

यह बात तो पहले ही सब मान रहे थे कि कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव हो सकते हैं. टकराव की स्थिति से भी सब वाकिफ थे. लेकिन कन्हैया कुमार कांग्रेस के लिए अभी कुछ बड़ा कर पाएंगे ऐसा कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि कन्हैया कुमार अभी बिहार की राजनीति में नए हैं.

लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि वह लगभग 1 महीने के लिए बिहार जा रहे हैं उन्हें डॉक्टरों ने दवाई देकर 1 महीने की छुट्टी दी है. मालूम हो कि लालू प्रसाद यादव सभी स्वास्थ्य के आधार पर जमानत पर हैं.

कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास के बयान के बाद गरमाई राजनीति

कांग्रेस और आरजेडी के बीच विवाद बढ़ने के पीछे भक्त चरण दास का बयान भी है. जिसमें उन्होंने कहा था कि आरजेडी पर्दे के पीछे से बीजेपी के साथ है. कहा जाता है कि राजनीति में कोई भी बयान यूं ही नहीं दिया जाताहै.

भक्त चरण दास द्वारा दिए गए  बयान के पीछे जो कारण है वह यह है कि लालू प्रसाद यादव अभी चारा घोटाला मामले में बेल पर बाहर हैं. और अगर केंद्र सरकार चाहे तो सुनवाई में तेजी लाई जा सकती है.

अगर सुनवाई में तेजी आई तो हो सकता है कि लालू प्रसाद यादव को फिर से जेल जाना पड़े. लेकिन अभी  मामला अदालत में है इसलिए इस पर किसी भी प्रकार का कयास लगाया जाना या फिर टिप्पणी करना ठीक नहीं है.

लेकिन लालू प्रसाद यादव की सक्रियता राजनीति में बढ़ने के बाद भी बीजेपी की तरफ से कोई खास बयानबाजी नहीं हो रही है. इसलिए अटकलों का दौर जारी है. वैसे भी जो काम बीजेपी कांग्रेस के लिए करती वही काम अब आरजेडी कर रही है.

बिहार में जिन 2 सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं. उन सीटों पर जदयू की पकड़ मजबूत बताई जा रही है. नीतीश कुमार भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहे हैं. नीतीश कुमार के लिए यह जीत कठिन हो सकती थी अगर आरजेडी और कांग्रेस एक साथ मिलकर चुनाव लड़ती.