kisan andolan kisan morcha case

किसान आंदोलन(Kisan Andolan) को लेकर किसान मोर्चा(Kisan Morcha) का बयान, सरकार कह रही है पहले आंदोलन समाप्त हो तब होगी Case वापसी, 700 किसानोंं की मौत का भी जिक्र

सरकार कह रही है पहले किसान आंंदोलन(Kisan Andolan) की हो वापसी तब होगी केस(Case) वापसी किसान मोर्चा (Kisan Morcha) का आया बयान

किसान आंदोलन(Kisan Andolan) को लेकर आज किसान मोर्चा(Kisan Morcha) की मीटिंग के बाद बड़ा बयान सामने आया है. जिसमें यह तो साफ नहीं हो पाया कि किसान आंदोलन की वापसी कब होगी लेकिन कुछ महत्वपूर्ण बातों का पता चला है.

किसान आंदोलन(Kisan Andolan) पर संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने मीडिया से बातचीत की .इस में इस बात का खुलासा हुआ कि आखिर आंदोलन वापस लेने का मामला कहां अटका है.

किसान मोर्चा की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि हरियाणा में लगभग 48000 मुकदमें किसानों पर दर्ज हैं लेकिन सरकार का कहना है कि आंदोलन की वापसी के बाद ही किसानों पर दर्ज मामलों की वापसी होगी.

किसान मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द किसानों पर जो केस दर्ज हुए हैं उसकी वापसी सुनिश्चित की जाए. किसान मोर्चा का कहना है कि मामलों की वापसी तुरंत शुरू कर देनी चाहिए.

किसान नेताओं ने कहा कि अकेले हरियाणा में ही 48000 किसानों पर मामले दर्ज किए गए हैं देश के अन्य प्रदेशों में भी आने को मामले किसानों पर दर्ज हैं.

आंदोलन की वापसी को लेकर अभी किसान मोर्चा ने कोई डेडलाइन मीडिया को नहीं बतलाया है लेकिन इतना जरूर कहा कि बातचीत जारी है और सरकार को हमने अपने विचारों से अवगत करा दिया है.

किसान मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि उम्मीद है कि कल तक सरकार की तरफ से कुछ न कुछ जवाब आ जाएगा.

मालूम हो कि आज किसान आंदोलन की रूपरेखा को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के पांच सदस्यों की हाई लेवल मीटिंग हुई थी.

इस मीटिंग में सरकार की तरफ से दिए गए प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई इसकी जानकारी युद्धवीर सिंह ने मीडिया को दिया.

किसान नेता गुरु नाम सिंह चढूनी ने आज सरकार को किसान आंदोलन में मरने वाले लोगों का आंकड़ा दिया है. चिरोड़ी ने कहा कि किसान आंदोलन के दरमियान लगभग 700 लोगों की मौत हुई है.

 

गुरु नाम सिंह चढूनी का बयान

गुरनाम सिंह चढूनी का कहना है कि किसान आंदोलन में मरने वाले लोगों को पंजाब सरकार की तरफ से 500000 का मुआवजा दिया गया. गुरनाम सिंह चढूनी ने यह मांग किया है कि केंद्र सरकार को भी मुआवजे का ऐलान करना चाहिए.