IPL Match Fixing

IPL Match Fixing Case: आईपीएल में सट्टेबाजी को लेकर बड़ा खुलासा CBI ने 3 लोगों को दबोचा, पाकिस्तान से Betting Network ऑपरेट होने के मिले पुख्ता सबूत

IPL Match Fixing Case:आईपीएल मैच में सट्टेबाजी(IPL Betting) को लेकर CBI ने 3 लोगों को किया गिरफ्तार, मैच फिक्सिंग को लेकर पाकिस्तान से दिए जाते थे निर्देश और कई बड़े लोगों की हो सकती है गिरफ्तारी..

अभी देश में आईपीएल(IPL) का मैच चल रहा है लेकिन आईपीएल से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसने सब को हिला कर रख दिया है.CBI ने तीन लोगों को आईपीएल में सट्टेबाजी(Betting In IPL) को लेकर गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी के बाद चारों तरफ हलचल मच गई है.

सीबीआई(CBI) ने जो खुलासे किए हैं उसमें सबसे बड़ा खुलासा यह है कि IPL के मैचों को प्रभावित करने के लिए जो निर्देश दिए जाते थे वो पाकिस्तान से दिए जाते थे. यानी जो सट्टेबाजी का नेटवर्क(Betting Network) था उसे पाकिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा था.

सीबीआई ने एक साथ देश के कई शहरों में छापे मारे जिसमें जोधपुर  दिल्ली हैदराबाद और जयपुर के कई ठिकाने शामिल हैंं. सीबीआई की छापेमारी में IPL 2019  में मैच फिक्सिंग में शामिल गिरोह का भंडाफोड़ करने की कोशिश की गई है.

सीबीआई को ऐसे सबूत मिले हैं कि भारत में कुछ लोग एक सट्टा नेटवर्क चला रहे थे जिसके तहत लोगों को आईपीएल में सट्टेबाजी करने के लिए प्रेरित किया जाता था. इस मामले में एक पाकिस्तानी नागरिक का नाम सामने आया है जिसका नाम वकास मालिक बताया जा रहा है. सीबीआई को इस बात की जानकारी मिली है कि सभी सट्टेबाज इसी वकास मलिक के संपर्क में थे.

इस छापेमारी के बाद सबसे बड़ी बात जो सामने आई है वह बेहद ही चिंताजनक है क्योंकि इसमें ऐसे अनुमान लगाए जा रहे हैं कि इस साल जो IPL मैच चल रहा है उसमें भी मैच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी.

सीबीआई को कई अहम सुराग मिले हैं जिससे इस बात का भी पता लगा है कि सट्टेबाजी के इस काले धंधे में कई सरकारी अफसर भी शामिल थे.सीबीआई ने बतलाया है कि साल 2010 में आयोजित आईपीएल में भी सट्टेबाजी हुई थी और उस सट्टेबाजी में कई सरकारी अफसर भी शामिल थे.

सीबीआई ने जो FIR दर्ज की है उसमें  गुरु राम सतीश गुरु राम वासु सज्जन सिंह राम अवतार अमित कुमार शर्मा प्रभु लाल मीणा और दिलीप कुमार के नाम शामिल हैं. सीबीआई ने बतलाया है कि यह सट्टेबाज फर्जी तरीके से बैंक अकाउंट खुलवाते थे और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से कई फर्जी दस्तावेज तैयार करवाते थे जिससे कि फर्जी खाते खुलवाए जा सकें.