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COVID-19 में HAPPY HYPOXIA से युवाओं को लग रहा डर, JHARKHAND में PRIVATE HOSPITALS की मनमानी पर रोक RATE LIST तय, UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों पर लिखी किताब डार्क हॉर्स के राइटर की तबीयत बिगड़ी CM HEMANT SOREN ने मदद पहुंचाने के लिए दिया आदेश

 

HAPPY HYPOXIA से आखिर क्यों डर रहे हैं युवा
COVID-19 से देश की स्थिति बिगड़ती जा रही है अब इसकी गिरफ्त में युवा भी बहुत ही तेजी से आ रहे हैं. युवा हैप्पी हाइपोक्सिया के शिकार हो रहे हैं. हैप्पी हाइपोक्सिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें युवाओं को यह पता नहीं चलता कि वह बीमार हैं और अचानक से ऑक्सीजन लेवल कम होने लगता है. शुरुआत में कोविड-19 के मरीजों के फेफड़े संक्रमण से प्रभावित होते थे लेकिन हैप्पी हाइपोक्सिया में फेफड़े के साथ-साथ हार्ट, ब्रेन और शरीर के कई और जरूरी अंग प्रभावित हो जाते हैं.ऑक्सीजन का स्तर अचानक से 45 से 60 तक आ जाता है. ऑक्सीजन की कमी की वजह से खून का थक्का बनना शुरू हो जाता है.ऐसी स्थिति में अगर तुरंत ऑक्सीजन नहीं दी जाती है तो मृत्यु तक होने की संभावना होती है.

SOCIAL MEDIA पर मदद मांग रहे लोगों पर झारखंड के CM HEMANT SOREN मेहरबान

देश में स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत अभी भी चिंताजनक है खासकर ऑक्सीजन और बेड की उपलब्धता को लेकर अव्यवस्था का माहौल है. 14 नवंबर 2000 को बिहार से अलग होकर बने झारखंड राज्य में भी corona का कहर जारी है. स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति यहां भी बहुत बेहतर नहीं है. लेकिन प्रथम लहर से सबक लेते हुए झारखंड के युवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं.

अभी सबसे ज्यादा चर्चा  उनके सोशल मीडिया पर मदद मांगने वालों के लिए अविलंब मदद पहुंचाने को लेकर हो रही है. जहां कुछ राज्यों में सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी की बात उजागर करने पर सरकार की तरफ से एफ आई आर की जा रही है वहीं झारखंड सरकार और हेमंत सोरेन द्वारा सोशल मीडिया पर शिकायत मिलने पर शिकायत करने वाले को मदद का भरोसा ही नहीं दिलाया जा रहा बल्कि तुरंत कार्यवाही करते हुए उन तक मदद भी पहुंचाई जा रही है.

पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को twitter पर टैग करते हुए कई लोगों ने शिकायत दर्ज की थी कि प्राइवेट हॉस्पिटल वाले कोविड-19 के इलाज के नाम पर मनमाने ढंग से पैसे ले रहे हैं जिस कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए झारखंड सरकार ने प्राइवेट हॉस्पिटलों के लिए कोविड-19 के मरीजों के इलाज का एक रेट लिस्ट तय कर दिया है और साथ ही कहा है कि अगर इससे अधिक मांग की जाती है तो उन अस्पतालों पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी.

RATE LIST FOR PRIVATE HOSPITALS IN JHARKHAND

इसके  लिए झारखंड सरकार ने एक नंबर भी जारी किया है. जिस पर लोग शिकायत दर्ज करवा सकते हैं.
यहां एक बात और गौर करने वाली है कि जो दाम तय किए गए हैं वह भी सामान्य आदमी की पहुंच से बहुत ज्यादा है. अगर रेट लिस्ट गौर से देखा जाए तो प्रतिदिन का खर्च 6 से 12 हजार तक का है और corona से संक्रमित व्यक्ति को समान्यतया कम से कम 4 से 5 दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती होना ही पड़ता है. अगर मरीज में गंभीर लक्षण दिखते हों तो मरीज को लंबे वक्त तक अस्पताल में बिताना पड सकता है.

इस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति पर 70 हजार से लेकर 1 लाख तक का खर्च आएगा. इन बातों पर भी सरकार को सोचना चाहिए.

झारखंड सरकार ने जो रेट लिस्ट प्राइवेट अस्पतालों के लिए तय किए हैं उसमें PPE किट और अन्य उपकरण के भी दाम शामिल हैंं. ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि कुछ अस्पताल पीपीई किट, कचरा प्रबंधन इत्यादि के नाम पर मनमाने ढंग से वसूली कर रहे थे. अब देखना यह है कि निजी अस्पताल सरकार द्वारा तय किए गए मापदंडों का कितना पालन करते हैं.

झारखंड सरकार के इस सख्त आदेश के बाद भी निजी अस्पताल अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं

ताजा मामला झारखंड की राजधानी रांची से है. यहां से एक ट्विटर यूजर ने हेमंत सोरेन को टैग करते हुए लिखा है कि यहां ताजा निर्देशों का घोर उल्लंघन हो रहा है. कृपया इस पर संज्ञान लें. राहत की बात यह है कि झारखंड के मुख्यमंत्री ने डिस्टिक कलेक्टर रांची को इस पर संज्ञान लेने का निर्देश दे दिया है.

डार्क हॉर्स किताब के लेखक और कवि निलोत्पल मृणाल कि कल अचानक से तबीयत हुई खराब

डार्क हॉर्स किताब को लिखकर चर्चा में आए लेखक और कवि निलोत्पल मृणाल कि कल अचानक से तबीयत बिगड़ गई थी. कुछ लोगों ने ट्विटर पर हेमंत सोरेन से उनके लिए मदद मांगी कि उन्हें अच्छी स्वास्थ सुविधा मुहैया कराई जाए.

इस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तुरंत कार्यवाही करते हुए दुमका डीएम को आदेश दिया कि निलोत्पल मृणाल को यथासंभव और अविलंब चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए. अभी उनकी सेहत अच्छी बताई जा रही है.कल निलोत्पल को अचानक से सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई थी.

मालूम हो कि निलोत्पल मृणाल द्वारा लिखी गई किताब डार्क हार्स कठिन परिस्थितियों में छोटे-छोटे कमरों में मुखर्जी नगर में UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों के जीवन पर आधारित है.

इस उपन्यास का एक संवाद जिसने संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की मनोदशा को पूरी तरह से परिलक्षित किया और एक तरह से उनको विपरीत परिस्थितियों में भी डटे रहने का हौसला भी दिया..
जेतना दिन में लोग एमए-पीएचडी करेगा, हौंक के पढ़ दिया तो ओतना दिन में तो आईएसे बन जाएगा..

हजारीबाग से एक अन्य ट्विटर यूजर वरुण ने फेफड़े में पानी भर जाने के इलाज को लेकर रांची में बेड उपलब्ध कराने की गुहार लगाई थी क्योंकि इसके लिए हजारीबाग में इलाज संभव नहीं था. इस ट्वीट पर भी संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को उचित स्वास्थ सुविधा पहुंचाने का निर्देश दिया है. ऐसे कई मामले हैं जिसके निवारण के लिए हेमंत सोरेन और उनका पूरा प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय दिख रहा है.

झारखंड में COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिये LOCKDOWN 27 मई तक बढ़ा

झारखंड में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए वर्तमान में जारी लॉकडाउन को अगले 2 सप्ताह के लिए और बढ़ा दिया गया है. अब यह 27 मई सुबह 6:00 बजे तक लागू रहेगा. इस बार नियमों को और सख्त कर दिया गया है. मालूम हो कि झारखंड में लॉकडाउन को सुरक्षा सप्ताह का नाम दिया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है कि लोगों में भय का वातावरण भी ना बने और जागरूकता भी फैले.

LOCKDOWN को लेकर JHARKHAND सरकार का निर्देश

  • सुरक्षा सप्ताह को अगले 2 सप्ताह तक विस्तारित किया गया अब यह 27.6. 2021 के प्रातः 6:00 बजे तक प्रभावी रहेगा
  • दिनांक 16 मार्च 2021 के प्रातः 6:00 से पूर्व से जारी प्रतिबंधों के अतिरिक्त निम्न नए प्रतिबंध भी प्रभावी रहेंगे.
  • राज्य के बाहर से आने जाने वाले सभी व्यक्तियों को 7 दिन का होम या फिर इंस्टीट्यूशनल क्वॉरेंटाइन में रहना अनिवार्य होगा यह वैसे व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा जो 72 घंटे के अंदर राज्य से बाहर चले जाएंगे
  • इंटर स्टेट एवं intra-state बसों का मूवमेंट प्रतिबंधित रहेगा निजी वाहनों का आवागमन अनुमत कार्यों हेतु e-pass के आधार पर होगा
  • शादी अपने घरों से अथवा कोर्ट में संपन्न किया जाएगा इसमें अधिकतम में 11 व्यक्ति शामिल हो सकेंगे तथा इस अवसर पर किसी प्रकार का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा
  • हाट-बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से अनुपालन किया जाएगा..

झारखंड में corona से संबंधित आंकड़ों पर एक नज़र

अगर बात झारखंड में corona से संबंधित आंकड़ों की करें तो बीते 24 घंटे में झारखंड में 4362 नए मामले आए हैं जबकि 8331 लोगों ने इस महामारी को मात दे दिया. वहीं 97 लोग इस महामारी को मात देने में नाकामयाब रहे और काल के गाल में समा गए.

अभी तक झारखंड में कुल 246608 मामले दर्ज किए गए हैं वहीं कुल मौतों का आंकड़ा 4183 है. वर्तमान में एक्टिव मरीजों की संख्या 50467 है. अगर जांच की बात करें तो बीते 24 घंटे में झारखंड में 48.1 हजार टेस्ट किए गए हैं. यहां अभी तक कुल 75.3 लाख टेस्ट किए जा चुके हैं.

  • एक नज़र देश के corona आंकड़ों पर भी
    पिछले 24 घंटों में कुल संक्रमित ओं की संख्या:3,62,632
    पिछले 24 घंटों में कुल मौतें:4128
    पिछले 24 घंटों में कुल ठीक हुए मरीज:3,52,005
    कुल संक्रमित लोगों की संख्या:2,37,03,224
    कुल मौतों का आंकड़ा:2,58,353
    कुल इलाज रत (active) मरीजों की संख्या:37,06,082