Vaccine

Vaccine लगने के तुरंत बाद नहीं मिलेगी Immunity, टीका लगने के बाद भी हो सकता है Corona, Resident doctors क्यों नहीं लगवाना चाहते Covaxin

भारत Corona से विश्व में America के बाद दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश है, यहां एक लाख 52 हजार लोगों की Corona से अब तक मौत हो चुकी है वहीं एक करोड़ पांच लाख से भी ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं.

वैज्ञानिक और डॉक्टर सब इसी प्रयास में रात दिन लगे हुए थे की इस महामारी से लड़ने के लिए Vaccine जल्द से जल्द उपलब्ध हो जाए.

Russia, America और China ने वैक्सीन बना लिया था अब इसी क्रम में भारत ने भी सफलता हासिल कर ली है.

ऐसा शायद विश्व इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी टीके को इतनी जल्दी विकसित किया गया हो.

टीके के निर्माण में तेजी लाने के लिए कई मापदंडों को बदला गया जिसके कारण विश्व के अनेक वैज्ञानिक और बुद्धिजीवी वर्गों ने वैक्सीन की सफलता पर भी सवाल उठाए हैं.

लेकिन सरकार, vaccine निर्माण करने वाली कंपनियां और इससे जुड़े वैज्ञानिकों का दावा है कि जो भी वैक्सीन दी जा रही है वो सुरक्षित और सुरक्षा के सभी मापदंडों का पालन करती है.

मालूम हो कि 30 विभिन्न भारतीय कंपनियां टीके के विकास में लगी हुई हैं जिसमें से सात कंपनियों को WHO ने मान्यता दी है.

भारत में टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो चुकी है. ये विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान है. इस टीकाकरण अभियान में भारत सरकार ने भारत में निर्मित दो टीकों को शामिल किया है, Oxford-AstraZenec एवं SII की Covidshield और  Bharat Biotech की Covaxin.

सरकार ने सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया(SII) से 1.1 करोड़ डोज और 55 लाख डोज  Bharat Biotech से लेने का अनुबंध किया है.

Covaxin भारत में निर्मित पहली वैक्सीन है जिसे सबसे पहले Clinical trial की अनुमति दी गई थी इस वैक्सीन का निर्माण Hyderabad की Bharat Biotech International Limited ( BBIL ) ,ICMR और NIV के संयुक्त प्रयास से हुआ है.

Covaxin का अभी तीसरे चरण का trial अभी पूरा नहीं हुआ है लेकिन डॉक्टर और वैज्ञानिकों के देखरेख में इसके सीमित इस्तेमाल की अनुमति दे दी गई है.

 

पिछले दिनों AIIMS के Director Randeep Guleria ने कहा था vaccine लगने के तुरंत बाद इम्यूनिटी मजबूत नहीं हो जाएगी, ऐसा इसलिए क्योंकि टीके के दो डोज के करीब 2 हफ्ते बाद ही इम्यूनिटी पूरी तरह से बनेगी. कोरोना से बचने के प्राथमिक उपाय यानी हाथ धोना, मास्क लगाना और दैहिक दूरी बनाए रखना जरूरी है.

टीका लगने के बाद भी कोरोना दोबारा हो सकता है लेकिन असर ज्यादा नहीं होगा, यानी मामूली सर्दी जुकाम जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं.

टीका लगने के बाद अगर आपको कोरोना होता है तो आपसे दूसरा व्यक्ति जो आप के संपर्क में आएगा वह संक्रमित हो सकता है.

एक ओर जहां प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारत में वैक्सीन लगाने के कार्यक्रम का शनिवार 16 जनवरी 2021 को उद्घाटन कर दिया है, वहीं DELHI के सबसे बड़े Healthcare सेंटर Ram Manohar Lohiya के Resident Doctors ने मांग की कि उन्हें Covidshield ही दिया जाए ना कि Covaxin, क्योंकि Covidshield के लिए तीनों चरणों के Trial पूरे हो चुके हैं, जबकि Covaxin अभी तीसरे चरण के ट्रायल की प्रक्रिया में है.

इस पर केंद्र सरकार ने सभी आशंकाओं पर विराम लगाते हुए कहा है कि दोनों ही टीके सुरक्षित हैं और किसी को भी इस पर संदेह नहीं रखना चाहिए.

 प्रथम चरण में कोरोना वायरस वैक्सीन 30 करोड़ लोगों को लगाने की योजना है. इस वैक्सीन की दो डोज़ होंगी. इसमें पहली डोज़ और दूसरे डोज़ के बीच का अंतर 21 से 28 दिन का होगा.

Health Experts ने कहा है कि वैक्सीन दिए जाने के बाद मामूली बुख़ार, सिरदर्द या इंजेक्शन लगाने वाली जगह पर दर्द होता है. अगर कोई वैक्सीन 50 फ़ीसदी तक प्रभावी होती है तो उसे सफल माना जाता है.

अभी शुरुआती दौर में vaccination के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सुरक्षा कर्मचारी, सेना और आपदा प्रबंधन से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है.

मालूम हो कि गर्भवती एवं स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को अभी वैक्सीनेशन प्रोग्राम से दूर रखा गया है क्योंकि वैक्सीन के ट्रायल में इन लोगों को शामिल नहीं किया गया था.18 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों को भी अभी वैक्सीन नहीं दी जाएगी.

वैसे वैक्सीन निर्माता कंपनियों का दावा है कि छोटे बच्चों को भी यह वैक्सीन दी जा सकती है लेकिन सरकार की तरफ से अभी ऐसा कोई भी निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है.

एक और बात जो सबसे ज्यादा ध्यान देने योग्य हैं की कोरोना Vaccination के लिए बाजार में बहुत सारे एप्लीकेशन आ गए हैं जोकि यह दावा करते हैं आप उस पर रजिस्ट्रेशन करा के वैक्सीन ले सकते हैं, जबकि सरकार द्वारा अभी किसी भी एप्लीकेशन को सार्वजनिक तौर पर लॉन्च नहीं किया गया है.

इससे बचने की जरूरत है यह सिर्फ धोखाधड़ी है और कुछ नहीं. अगर रजिस्ट्रेशन संबंधित ऐसा दावा कोई भी करता हो तो आप सचेत हो जाएं.

Co-WIN app को लेकर कुछ फर्जी एप्लीकेशन रजिस्ट्रेशन का दावा करते हैं.

Co-WIN app को सरकार ने लांच तो जरूर किया है लेकिन सिर्फ और सिर्फ सरकारी इस्तेमाल के लिए.

अभी online store पर जितने भी उपलब्ध एप्लीकेशन है वे सभी के सभी इसके क्लोन वर्जन हैं यानी फर्जी.

निचोड़:-

1. 16 जनवरी 2021 दिन शनिवार से वैक्सीन लगवाने के कार्यक्रम की शुरुआत

2. पहले चरण में फ्रंटलाइन वॉरियर को प्राथमिकता

3. स्वदेश में निर्मित दो वैक्सीन Covaxin और Covidshield से कार्यक्रम की शुरुआत

4. Covaxin का अभी सीमित इस्तेमाल

5. दुग्ध पान कराने वाली और गर्भवती महिलाओं के साथ साथ 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों कोअभी वैक्सीन नहीं दी जाएगी.

6. वैक्सीन लगने के तुरंत बाद इम्यूनिटी हासिल नहीं होगी दूसरे डोज तक करना होगा इंतजार.

7. वैक्सीन लगने के बाद भी कोरोना होने की संभावना, लेकिन खतरा ना के बराबर

8. टीका लगाने के बाद भी मास्क लगाना, हाथ धोना और दैहिक दूरी का ध्यान रखना जरूरी.

9. धोखाधड़ी से बचने के लिए कोरोना टीकाकरण के लिए किसी भी Application को डाउनलोड ना करें  और ना ही  उस पर रजिस्ट्रेशन कराएं. सरकार ने अभी तक एप्लीकेशन की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है.

10. Co-WIN app नाम से कई फर्जी application Online उपलब्ध हैं इससे बचें.