Child Vaccination

Child Vaccination:15-18 वर्ष के बच्चों के Vaccination ने पकड़ी रफ्तार 1 दिन में 37 लाख से भी अधिक बच्चों ने लिया Covid-19 का टीका

Child Vaccination:15 से 18 वर्ष के बच्चों ने Corona Vaccine को लेकर दिखाया जोश मात्र 1 दिन में ही 37  लाख बच्चों ने ली covid-19 Vaccine , ऐसा ही रहा तो 15 से 20 दिनों में ही हो जाएगा बच्चों का संपूर्ण Vaccination

आज से देश में 15 से 18 वर्ष के बच्चों को वैक्सीन देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पहले दिन ही बच्चों का जोश देखने लायक है.

देश के विभिन्न भागों में आज यानी 3 जनवरी को लगभग 38 लाख के करीब बच्चों ने कोविड-19 का टीका लिया. वहीं 5000000 से भी अधिक बच्चों ने वैक्सीन के लिए registration कराया है.

मालूम हो कि देश भर में 15 से 18 वर्ष के 10 करोड के लगभग बच्चे हैं जिन्हें की वैक्सीन की डोज दी जानी है.बच्चों को covid vaccine के रुप में Bharat Biotech द्वारा निर्मित टीका  Covaxin दिया जायेगा.

वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया बेहद ही सामान्य है और चुकी ज्यादतर अभिभावक और माता-पिता इस प्रक्रिया से पहले भी गुजरे चुके हैं. इस कारण बच्चों के रजिस्ट्रेशन में कोई खास परेशानी नहीं आई.

मालूम हो कि बच्चों के वैक्सीन के लिए Online और Offline दोनों तरह की व्यवस्था है. ऑनलाइन के लिए Co-WIN App पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है.

साथ ही बच्चों के लिए यह भी सुविधा दी गई है कि बच्चे सीधा vaccination centre पर जाकर भी अपना रजिस्ट्रेशन करवाकर वैक्सीन ले सकते हैं. इससे  ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को काफी आसानी हुई है. जहां के इंटरनेट की सुविधा उतनी बेहतर नहीं है.

जिस प्रकार से बच्चों के Vaccination के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में तेजी आई है उसे देखकर यह लग रहा है कि देश में 10 से 20 दिनों के भीतर ही बच्चों के वैक्सीनेशन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा.

पहले यह सोचा जा रहा था कि बच्चों की वैक्सीन को लेकर उनके माता-पिता में संदेह की भावना है. जिस कारण से बच्चों के वैक्सीनेशन में उतनी तेजी नहीं आएगी लेकिन वैक्सीनेशन की रफ्तार को देखते हुए यह संदेश जाता रहा है.

मालूम हो कि देश में Omicron का संक्रमण बढ़ता जा रहा है और इस संक्रमण के बारे में वैज्ञानिकों का ऐसा दावा है कि इसका असर बच्चों पर ज्यादा पड़ सकता है जिस कारण सरकार बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए हर संभव कदम उठा रही है.

देशभर में Omicron के अभी तक 17 सौ से भी अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं.सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र और दिल्ली में दर्ज किए गए हैं.

दिल्ली में तो 30 और 31 दिसंबर को लिए गए corona सैंपल में से जिनोम सीक्वेंसिंग के दौरान यह पाया गया कि 84% case Omicron के थे.

दिल्ली में कोरोना के मामले बहुत ही तेजी से बढ़ रहे हैं आज दिल्ली में 1  दिन में  4000  से  भी   अधिक corona के मामले दर्ज किए गए.

वहीं दिल्ली में आज covid-19 से एक व्यक्ति की मौत भी हुई है. दिल्ली में बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार पूरी तरह से active role में नजर आ रही है.

दिल्ली में अब Positivity rate लगभग 5% तक पहुंच चुका है. पॉजिटिविटी रेट का अर्थ होता है कि जितने लोगों की corona जांच हुई है उसमें से कितने लोगों की Covid-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

दिल्ली में एहतियात के तौर पर सिनेमा हॉल जिम वेंकट हॉल स्कूल कॉलेजों को सरकार के द्वारा पहले ही बंद करा दिया गया है.

दिल्ली स्थित कई साप्ताहिक बाजारों पर भी भीड़ भाड़ में corona प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने को लेकर सख्ती बरती गई और उन्हें बंद कराया गया.

वहीं आज दिल्ली में दिल्ली सरकार की आबकारी नीति को लेकर विपक्षी पार्टी भाजपा का बंद का ऐलान था, जिसके कारण corona प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ाई गई.

दिल्ली में बढ़ते मामलों के बीच इस प्रकार का विरोध प्रदर्शन करना बेहद ही खतरनाक है क्योंकि हमने देखा था कि दिल्ली में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब CAA प्रोटेस्ट को लेकर लोग सड़क पर आए थे तो उस समय भी सब यही कह रहे थे कि corona के बढ़ते मामलों के बीच प्रोटेस्ट को बंद करना चाहिए.

वैसे दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने यह साफ कहा है कि दिल्ली में corona का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है लेकिन जो भी मामले आ रहे हैं उनसे घबराने की जरूरत नहीं है.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के अनुसार दिल्ली में जो भी मामले आ रहे हैं उनमें अधिकतर मामलों में गंभीर लक्षण नहीं है. जिस कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं है.

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के अनुसार दिल्ली में जो मामले भी बढ़े हैं उसमें  corona के नए  और बेहद संक्रामक  वैरीएंट Omicron का बहुत बड़ा हाथ है.