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Sonu Sood ने UP में बुखार से पीड़ित बच्चों की मदद के लिए बढ़ाया हाथ Social Media पर चलाया कैंपेन

  • Sonu Sood करेंगे  उत्तर प्रदेश (UP) के बुखार पीड़ित बच्चों की मदद 
  • Social media पर #UmeedBysonusood हैश टैग के साथ चलाया कैंपेन
  • Covid-19 की पहली और दूसरी लहर में संपूर्ण देश समेत यूपी और बिहार के लोगों के लिए दिल खोलकर की थी मदद

Corona काल में लोगों के लिए मसीहा बने सोनू सूद एक बार फिर से चर्चा के केंद्र में हैं.

कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर के दौरान उन्होंने हजारों लाखों लोगों की मदद की थी कुछ लोग तो उन्हें भगवान का दर्जा देने लगे थे और अपने गांव जाकर उनकी मूर्ति भी स्थापित कर दी थी.

लेकिन इस बार उन्होंने यूपी(UP) में बच्चों में तेजी से फैलते बुखार के मध्य नज़र मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है.

उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि अगर किसी पीड़ित बच्चे की मदद की जरूरत है तो इसके लिए वह तैयार हैं.

सोनू सूद ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा है “ हमने देखा है कि यूपी में बुखार से पीड़ित बच्चों के मामले बहुत हैं अगर आप भी किसी पीड़ित परिवार को जानते हैं तो उनकी रिक्वेस्ट #UmeedBySonuSood टैग का उपयोग करके हमें भेजें”

सोनू सूद ने आगे लिखा है हम उन लोगों तक इस मुश्किल घड़ी में हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश करेंगे.

सोनू सूद(Sonu Sood) की यह पहल मानवीय संवेदनाओं की मिसाल है. मालूम हो कि उत्तर प्रदेश(UP) में बीते कुछ दिनों से बच्चों में बुखार के लक्षण देखे जा रहे हैं और तेजी से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं.

इस बुखार में बच्चों के शरीर में प्लेटलेट की संख्या तेजी से कम हो जाती है और बच्चा अचेत हो जाता है. अभी तक इस बीमारी का पूरी तरह से पता नहीं चल पाया है लेकिन इसमें ज्यादातर डेंगू और टाइफाइड के मामले सामने आ रहे हैं.

बीमारी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यूपी के CM Yogi Aditya Nath भी लगातार दौरा कर रहे हैं और हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि इस बीमारी पर जल्द से जल्द लगाम लगाई जा सके.

मालूम हो कि बिहार की राजधानी Patna में भी बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है.

अस्पतालों के बेड फूल होते जा रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है अभी बरसात के मौसम में वायरल इंफेक्शन के मामले का बढ़ना स्वाभाविक है.

अभी तक बच्चों की जांच में corona के ज्यादा मामले नहीं पाए जा रहे हैं. इस कारण अभी यह कहना सही नहीं होगा कि भारत में corona की तीसरी लहर(Third Wave) ने दस्तक दे दी है.

बिहार में पंचायत चुनाव(Panchayat Election) को लेकर लोगों में यह शंका है कि चुनावी भीड़भाड़ के कारण कहीं corona के मामले फिर से बढ़ने ना लग जाएं.

मालूम हो कि दूसरी लहर के दौरान बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के कारण मामलों में तेजी आई थी.

मामलों के बढ़ने के कारण और corona प्रोटोकॉल का सही से पालन ना होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट(SC) और हाई कोर्ट(HC) ने बार-बार इलेक्शन कमिशन(EC) को  लताड़ भी लगाई थी.

वहीं कोविड-19 से केरल की स्थिति बिगड़ती जा रही है वहां बीते 24 घंटे में 30 हजार से भी ज्यादा नए corona संक्रमित पाए गए हैं.

कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र में गणेश पूजा के आयोजनों पर कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं. गणेश पूजा के आयोजकों को यह निर्देश दिया गया है कि श्रद्धालुओं को ऑनलाइन दर्शन कराने के इंतजाम करें.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अभी corona के मामले नियंत्रण में हैं लेकिन यह मामले नियंत्रण में ही रहे इस कारण यहां भी सार्वजनिक जगहों पर गणेश पूजा के आयोजनों को ना करने के निर्देश दिए गए हैं.

पूजा पाठ के आयोजनों पर लगे प्रतिबंधों पर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया आई है लेकिन केंद्र में सत्तारूढ़ और महाराष्ट्र एवं दिल्ली में विपक्षी पार्टी बीजेपी सहित कई अन्य धार्मिक संगठनों ने राज्य सरकारों के इस निर्णय पर विरोध जताया है.

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