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VACCINATION IN DELHI: दिल्ली के 125 COVID-19 टीका केंद्र कल से हो सकते हैं बंद वहीं 2 महीने बाद भारत में POSITIVITY RATE में कमी दर्ज़

 

DELHI में COVID-19 VACCINE की कमी, कल से रुक सकता है 18+ उम्र के लोगों का टीकाकरण

दिल्ली में covid-19 वैक्सीन की कमी के कारण लगभग 125 टीका केंद्रों पर आज शाम से 18 से 44 वर्ष के लोगों के टीकाकरण को रोका जा सकता है. इसकी जानकारी आप एमएलए आतिशी ने दी है.

पीटीआई के अनुसार आतिशी ने बताया है कि दिल्ली में COVAXIN का स्टॉक आज शाम तक के लिए ही है और टीकों की आपूर्ति अभी तक नहीं हो पाई है. अगर ऐसा ही रहा तो कल से 125 टीका केंद्रों पर 18 प्लस आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण को रोकना होगा.

मालूम हो कि आज ही सीएम अरविंद केजरीवाल ने वीडियो जारी कर VACCINE की कमी पर चिंता जाहिर की थी. अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वो वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों से वैक्सीन के फार्मूले को खरीद ले और ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को वैक्सीन उत्पादन में शामिल करें.

केजरीवाल ने बताया कि अभी भारत में 6 से 7 करोड़ वैक्सीन प्रति माह बनाई जा रही हैंं. अगर ऐसा ही रहा तो संपूर्ण भारत  का टीकाकरण करने में एक लंबा समय लग सकता है और ना जाने इसके बीच corona की कितनी लहरें आएंगी और जाएंगी.

केजरीवाल ने कहा अगर हमें कोविड-19 की तीसरी लहर को रोकना है तो इसके लिए वैक्सीन के उत्पादन को बढ़ाना होगा. मालूम हो कि अभी देश में दो ही कंपनियां वैक्सीन का उत्पादन कर रही हैं, भारत बायोटेक और सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया. भारत बायोटेक द्वारा कोवैक्सीन का निर्माण किया जा रहा है जबकि सिरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (SII) द्वारा Covishield का.

अरविंद केजरीवाल ने VACCINE की कमी को दूर करने के लिए जो सुझाव दिए हैं इस प्रकार हैं..

  • केवल दो कंपनी से पूरे देश को वैक्सीन देना संभव नही..
  • वैक्सीन का फ़ोर्मूला अन्य कंपनियों से साझा किया जाए..
  • भारत में अन्य कई कंपनियों को वैक्सीन बनाने की इजाज़त दी जाए..
  • युध स्तर पर वैक्सीन का उत्पादन किया जाए ताकि हर भारतीय को वैक्सीन दी जा सके..

एक दिन पहले ही केजरीवाल ने बताया था कि दिल्ली के प्रत्येक व्यक्ति का 3 महीने के भीतर ही टीकाकरण करा लिया जाएगा लेकिन इन परिस्थितियों को देखते हुए तो ऐसा लग रहा है 3 महीने में ऐसा कर पाना शायद ही संभव हो.

वहीं केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि केंद्र द्वारा जितने भी टीके राज्य सरकारों को दिए जा रहे हैं उनमें से 70% टीकों को दूसरी डोज के लिए सुरक्षित रखा जाए. जबकि 30 परसेंट को पहली डोज लगाने वालों के लिए. केंद्र का कहना है वैक्सीन की दूसरी डोज को प्राथमिकता पर रखना होगा.

RT-PCR TEST के लिये केंद्र ने बनाये नये नियम

केंद्र सरकार ने rt-pcr test को लेकर एक नई Guideline जारी की है. अब एक राज्य से दूसरे राज्य जाने के लिए या फिर जिन व्यक्तियों को 5 दिन तक बुखार खांसी या फिर कोई लक्षण दिखाई ना दे रहे हों उनके लिए भी आरटी पीसीआर टेस्ट की जरूरत नहीं होगी.

हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करते समय भी अब आरटी पीसीआर टेस्ट की जरूरत नहीं होगी.साथ ही एंटीजन टेस्ट के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं है. आरटी पीसीआर टेस्ट के लिए नई गाइडलाइन इसलिए जारी की गई है कि इससे लैब का भार कम होगा और उन लोगों की जांच हो पाएगी जिनको इसकी सख्त जरूरत है.

इसके पीछे एक और तर्क यह भी है कि अगर आपके अंदर संक्रमण खत्म हो जाता है तो उसके भी बाद भी मरा हुआ वायरस आपके शरीर में रहता है और अगर आरटी पीसीआर टेस्ट किया जाए तो वह पॉजिटिव आता है.

इसलिए अगर लक्षण ना दिखाई दे रहे हों, पूर्णता स्वस्थ हों तो RT-PCR TEST की कोई जरूरत नहीं है. ICMR के बलराम भार्गव ने बताया कि बीते 30 अप्रैल को भारत में लगभग 19.45 लाख टेस्ट किए गए जोकि अभी तक का सबसे अधिकतम है.

देश में करीब दो माह बाद पॉजिटिविटी रेट में कमी

देश में 62 दिनों बाद संक्रमित मरीजों की संख्या से ज्यादा संक्रमण को मात देने वाले लोगों की संख्या दर्ज की गई है.

बीते 24 घंटे में 3.55 लाख लोगों ने corona बीमारी को मात दिया जबकि 3.29 लाख लोग corona पॉजिटिव पाए गए.

अब देश में पॉजिटिविटी रेट घटकर 21% तक आ गया है. लेकिन देश के कुछ राज्यों पश्चिम बंगाल राजस्थान कर्नाटक इत्यादि में पॉजिटिविटी रेट देश की तुलना बहुत ही ज्यादा है. इन प्रदेशों में पॉजिटिविटी रेट 30% के आसपास है.

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