Saharanpur Lunch in Toilet

UP Saharanpur Lunch in Toilet Viral Video: उत्तर प्रदेश सहारनपुर में गंदे शौचालय में खिलाड़ी बेटियों खाना परोसे जाने को लेकर लोग पूछ रहे हैं चीतों को सम्मान और खिलाड़ी बेटियों का अपमान क्यों!!

UP Saharanpur Lunch in Toilet Viral Video: UP सहारनपुर शौचालय में कबड्डी खिलाड़ियों को खाना परोसे जाने को लेकर योगी सरकार बैकफुट पर.. लोगों का सवाल चीतों को फाइव स्टार फैसिलिटी और बेटियों को शौचालय का खाना Video Viral

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है. जहां स्टेट लेवल कबड्डी टूर्नामेंट में भाग लेने वाली लड़कियों को शौचालय में खाना परोसा(Saharanpur Lunch In Toilet) जा रहा है. शौचालय बेहद ही गंदा भी नजर आ रहा है और लड़कियां जोकि इस टूर्नामेंट में भाग लेने आई थी वह नीचे रखे खाने को अपने थाली में परोस रही हैं. जिसका वीडियो(Saharanpur Lunch in Toilet Viral Video)) तेजी से वायरल हो गया.

इस वीडियो के Viral होने के बाद  खबर लिखे जाने तक चार अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है. लेकिन बात यह है कि स्टेट लेवल टूर्नामेंट में ऐसी को अव्यवस्था और इसे को अव्यवस्था भी नहीं कहेंगे बल्कि इससे खिलाड़ियों का अपमान और शोषण ही कहेंगे.

इसका अर्थ यह है कि निश्चित रूप से जिस स्टेडियम में इस टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा था वहां पर खिलाड़ियों के लिए उचित व्यवस्था नहीं थी. साथ ही मामला और भी गंभीर होता जा रहा है क्योंकि जिस टॉयलेट में कबड्डी खिलाड़ी लड़कियों को खाना परोसा जा रहा है वह पुरुष टॉयलेट है और खाना गंदे फर्श पर रखकर परोसा जा रहा है.

जैसे ही यह मामला मीडिया में आया वैसे ही चारों तरफ हंगामा मच गया. योगी सरकार को इस मामले में जवाब देते नहीं बन रहा था. जैसे तैसे डैमेज कंट्रोल किया गया और अफसरों को सस्पेंड किया गया. लेकिन खिलाड़ियों की ऐसी दुर्दशा को देखकर योगी सरकार बैकफुट पर आ गई है और विपक्ष ने जबरदस्त हमला बोला है.

Watch UP Saharanpur Lunch in Toilet Viral Video: देखिए वह वीडियो जिसे ट्विटर के एक यूजर शशांक शेखर झा ने अपने ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया है. देखिए किस प्रकार इस वीडियो में लड़कियों को शौचालय में खुले में रखे खाने को परोसा जा रहा है..

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इस कबड्डी टूर्नामेंट में 300 से अधिक लड़कियां भाग ले रही हैं और इस प्रकार की पद इंतजाम ही को देखते हुए सरकार से सवाल पूछना लाजमी है. लोगों ने यह भी सवाल पूछे हैं कि आखिर भारत में खिलाड़ियों को मेडल मिलने के बाद ही सम्मान क्यों दिया जाता है मेडल मिलने की पहली ऐसी व्यवस्थाएं अगर रहेंगी तो खिलाड़ियों का मनोबल टूटेगा ही और ऐसे में हम मेडल की आशा कैसे कर सकते हैं.