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Ujjain Shri Mahakal Lok: PM मोदी ने श्री महाकाल लोक जनता को किया समर्पित जानिए शिव भक्तों के लिए क्या है खास इस नए महाकाल लोक में

Ujjain Shri Mahakal Lok

Ujjain Shri Mahakal Lok: PM मोदी ने जय महाकाल नारे के बीच  श्री महाकाल लोक का किया लोकार्पण कहा महाकाल जब बेटा को बुलाए तो बेटा आए बिना कैसे रह सकता है..

Ujjain Shri Mahakal Lok लोकर्पण : आज उज्जैन में प्रधानमंत्री मोदी की महत्वकांक्षी योजना श्री महाका लोक का लोकार्पण समारोह धूमधाम से संपन्न हुआ. इस लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इस बेहद ही अद्भुत Shri Mahakal Lok परिसर को जनता को समर्पित किया .इस परिसर को बनाने में 850 करोड़ रूपए की लागत आने वाली है.

अगर खर्च की बात करें तो श्री महाकाल लोक कॉरिडोर पर कुल खर्च ₹850 करोड़ किया जाएगा. जिसमें से 441 करोड़ रुपए मध्य प्रदेश सरकार खर्च करेगी तो वहीं केंद्र की तरफ से ₹271 करोड़ की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी. जबकि 21करोड़  रुपए मंदिर समिति खर्च करेगी.

अगर श्री महाकाल लोक परिसर की बात करें तो इसकी विशालता इसी से ही समझी जा सकती है कि यह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से लगभग 4 गुना बड़ा है. महाकाल कॉरीडोर 20 हेक्टेयर भूमि में फैला है. जबकि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर मात्र 5 हेक्टेयर भूमि में विस्तृत है.

श्री महाकाल लोक परियोजना का  उद्देश्य: श्री महाकाल लोक परियोजना का प्रथम उद्देश्य है इस पूरे कॉरिडोर में भीड़भाड़ को कम करना तथा यात्रियों को अत्याधुनिक और उच्च स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना. साथ ही यहां की विरासत को पूर्ण रूप से संरक्षित और सुसज्जित करना. अगर महाकाल लोक परियोजना की बात करें तो इसके तहत महाकाल मंदिर परिसर का लगभग 7 गुना तक विस्तार किया जाएगा सरकार को यह उम्मीद है कि इस परियोजना के बाद पर्यटन को खासकर उज्जैन में अधिक बढ़ावा मिलेगा.

850 करोड़ रुपए की लागत से पूरी की जाने वाली इस परियोजना को पौराणिक रुद्र सागर के किनारे विकसित किया जा रहा है. यहां भगवान शंकर देवी सती और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी 200 से भी अधिक मूर्तियों का निर्माण साथ ही भित्ति चित्र भी उकेरे जा रहे हैं. इस परियोजना के अंतर्गत 108 स्तंभों का भी निर्माण किया गया है. महाकाल लोक के प्रवेश द्वार पर नंदी को विराजमान किया गया है.

श्री महाकाल लोक के लोकार्पण  पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है जब महाकाल बुलाए और महाकाल का यह बेटा यहां ना आए. बताते चलें कि वाराणसी को लेकर भी प्रधानमंत्री मोदी के कई ऐसे भाषण हैं जिसमें उन्होंने अपने आप को माँ गंगा का बेटा कहा है और साथ ही यह भी कहा था कि गंगा मां ने अपने बेटे को बुलाया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उज्जैन में महाकालेश्वर के नए परिसर श्री महाकाल लोक के लोकार्पण समारोह के दौरान 15 फीट ऊंचे शिवलिंग की प्रतिकृति को रिमोट से अनावृत किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर संस्कृत के श्लोक से महाकाल को याद किया. महाकाल लोक के लोकार्पण के इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि महाकाल लोक में कुछ भी लौकिक नहीं है कुछ भी साधारण नहीं है यहां जो है सब अलौकिक है सब असाधारण है और सब अविस्मरणीय है.

प्रधानमंत्री मोदी ने श्री महाकाल लोक लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अतीत में बहुत सारे ऐसे प्रयास हुए परिस्थितियां बदली सत्ता  बदली और भारत का शोषण भी हुआ आजादी भी गई उन्होंने इस दौरान इल्तुतमिश के आक्रमण संबंधित बातों का भी उल्लेख किया.

उन्होंने कहा कि इल्तुतमिश जैसे आक्रमणकारियों ने हमें नष्ट करने का प्रयास किया लेकिन हमारे ऋषि-मुनियों ने कहा कि महाकाल की शरण में मृत्यु भी हमारा कुछ नहीं कर सकती. प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देते हुए कहा भारत इसलिए फिर उठ खड़ा हुआ है.

महाकाल का आशीर्वाद यूं ही नहीं मिलता: प्रधानमंत्री मोदी ने श्री महाकाल लोक(Shri Mahakal Lok) लोकार्पण समारोह के दौरान बड़े ही भावुक होते हुए कहा कि महाकाल का आशीर्वाद यूं ही नहीं मिलता महाकाल का आशीर्वाद जब मिलता है तो विपत्ति की रेखाएं काल की रेखाएं मिट जाती हैं. उन्होंने ज्योतिर्लिंगों के विकास को भारतीय संस्कृति का विकास करार दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग आधे घंटे तक सभा को संबोधित किया.

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