TOOLKIT TWITTER

TOOLKIT मामले में IT मंत्रालय का twitter को सख्त निर्देश, कहा जांच जारी है आप फैसला ना सुनाएं


TOOLKIT मामले में अब बीजेपी कांग्रेस नहीं बल्कि सरकार का IT मंत्रालय और twitter आमने-सामने

TOOLKIT मामले में अब कांग्रेस बीजेपी के साथ साथ ट्विटर की भी एंट्री हो गई है.

मालूम हो कि ट्विटर ने बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा द्वारा किए गए एक ट्वीट को अपुष्ट और गलत जानकारी पर आधारित बताते हुए मैनिपुलेटेड मीडिया का लेबल लगा दिया था.

यह लेवल एक प्रकार की चेतावनी है कि जो ट्वीट किया जा रहा है उसमें उपलब्ध जानकारी गलत है या भ्रम फैलाने वाली है.

इस टैग का इस्तेमाल twitter की पॉलिसी के अंतर्गत किया जाता है. जिससे कि कोई भी व्यक्ति या संस्था ट्विटर का इस्तेमाल कर गलत जानकारी को वीडियो, पोस्ट, फोटो या मैसेज द्वारा ना फैला सके.

अमेरिकी चुनाव प्रचार के दौरान इसी मैनिपुलेटेड मीडिया टैग का इस्तेमाल डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी किया गया था.

इस टैग के द्वारा डोनाल्ड ट्रंप को बार बार चेतावनी दी गई थी. लेकिन बार-बार ऐसे पोस्ट किए जाने के कारण डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट को परमानेंट सस्पेंड कर दिया गया था.

अभी हाल में कंगना राणावत का अकाउंट भी गलत जानकारी पर आधारित ट्वीट करने के कारण सस्पेंड किया गया है.

इस मामले पर क्या है सरकार की राय
सरकार का कहना है कि टूल किट मामले में अभी आईटी मंत्रालय की जांच चल रही है और जब जांच चल रही हो उसी दरमियान twitter का यह टैग लगाना कि यह मैनिपुलेटेड है. एक प्रकार से twitter के रवैये पर प्रश्नचिन्ह लगाता है.

अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए आईटी मंत्रालय ने कहा की इस प्रकार के कृत्य से ट्विटर की विश्वसनीयता में कमी आएगी. साथ ही साथ इससे यह भी जाहिर होता है कि टि्वटर पूर्वाग्रह से ग्रसित है.

वहीं इस पूरी प्रक्रिया पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्विटर को आड़े हाथों लेते हुए इसे वामपंथी विचारधारा से प्रेरित बताया है.

मालूम हो कि ऐसी यह पहली घटना नहीं है पहले भी भारत सरकार और ट्विटर के बीच पोस्ट को हटाने को लेकर गरमा-गरम बहस हो चुकी है. जिसमें सरकार ने कुछ ऐसे पोस्ट को हटाने का निर्देश दिया था जिसमें तथाकथित रूप से भारत सरकार की निंदा की गई थी.

सरकार ने ही इसी साल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए बनाए थे सख्त नियम फिर क्यों ले रही है यूटर्न

मालूम हो कि इसी साल आईटी मंत्रालय ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कहा था कि अब उन्हें इस बात की जानकारी देनी होगी कि कहीं कोई गलत जानकारी तो नहीं फैला रहा है.

इसके लिए इनको एक कंप्लेंट ऑफिसर की नियुक्ति करने के लिए भी कहा गया था. साथ ही साथ मैसेज के सोर्स के बारे में पता करने के लिए भी कहा गया था कि आखिर जो मैसेज पोस्ट किया गया है उसे पहली बार किसके द्वारा पोस्ट किया गया था.आज जब twitter ने कार्यवाही की है तो सरकार twitter पर पूर्वाग्रह का शिकार होने का आरोप लगा रही है.

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