Ayodhya

Planning For Destroying Social Harmony in Ayodhya Failed: अयोध्या में मस्जिदों के पास मांस और आपत्तिजनक पोस्टर फेंकने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड महेश कुमार मिश्रा गिरफ्तार

Planning For Destroying Social Harmony in Ayodhya Failed:अयोध्या में सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने की साजिश नाकाम, मस्जिद(Mosque) के सामने मांस(Meat) और आपत्तिजनक पोस्टर फेंकने वाले मास्टरमाइंड महेश कुमार मिश्रा(Mahesh Kumar Mishra) को UP पुलिस ने किया गिरफ्तार, मुस्लिम वेशभूषा में दिया था वारदात को अंजाम..

अयोध्या(Ayodhya) में आपसी भाईचारा और धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ने वाले सात आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस गिरोह के मास्टरमाइंड महेश कुमार मिश्रा भी गिरफ्तार हुए लोगों में शामिल है. पुलिस के सामने इन लोगों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है लेकिन पुलिस के सामने जो खुलासे इन लोगों ने किए हैं वह बेहद ही चौंकाने वाले और चिंता में डालने वाले हैं.

महेश मिश्रा(Mahesh Mishra) और उसके साथियों पर क्या है आरोप: महेश मिश्रा और उसके साथियों पर यह आरोप है कि 26 अप्रैल की रात इन लोगों ने अयोध्या में कई मस्जिदों के सामने मांस जो कि मुस्लिमों के लिए वर्जित है और आपत्तिजनक पोस्टर फेंके. इस वारदात के वक्त आरोपियों ने मुस्लिम जालीदार टोपी पहन रखी थी जिससे इन पर कोई शक ना हो.

जिन मस्जिदों के सामने इन लोगों ने यह साजिश की थी उनके नाम है मस्जिद कश्मीरी मोहल्ला, ईदगाह सिविल लाइंस स्थित घोसियाना रामनगर मस्जिद, टाटा शाह मस्जिद और दरगाह जेल के पीछे. पुलिस के अनुसार अयोध्या में सामाजिक सौहार्द(Social Harmony in Ayodhya) को बिगाड़ने की साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड महेश मिश्रा ने अपने सहयोगी बृजेश पांडे के साथ उसके घर पर बैठकर इस पूरी वारदात की प्लानिंग की थी.

अयोध्या में सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने के लिए साजिश रचने वाले आरोपियों ने उन्हीं मस्जिदों को क्यों चुना जहां सीसीटीवी(CCTV) कैमरे लगे थे..

अयोध्या मामले में आरोपियों ने पुलिस के सामने एक बेहद ही चौंकाने वाली बात कही है. आरोपियों का कहना है कि उन्होंने उन्हीं मस्जिदों का चुनाव किया जहां सीसीटीवी(CCTV) कैमरे लगे थे. क्योंकि वह चाहते थे कि उनकी पहचान उजागर हो. आरोपियों का कहना है कि इस घटना को उन लोगों ने जहांगीरपुरी में हुई हिंसा के बाद प्रतिशोध स्वरुप अंजाम दिया है.

इस मामले में अभी भी चार आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है. इस घटना ने UP पुलिस की जितनी तारीफ की जाए कम है, क्योंकि UP पुलिस ने वक्त रहते ही इन आरोपियों पर शिकंजा कस दिया और एक बहुत बड़ी घटना होते-होते टल गई.