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Omicron से संपूर्ण विश्व हुआ हलकान, WHO ने Corona के इस नए वेरिएंट का ये नाम देते हुए इसे Variant Of Concern करार दिया, Hong Kong तक पहुंचा, भारत में Airport पर सख्ती

Omicron, corona का नया और घातक Variant  है.WHO ने इसे Variant Of Concern घोषित कर दिया है. दक्षिण अफ्रीका(South Africa) में पाए जाने के बाद संपूर्ण विश्व में इसका खतरा बढ़ने लगा है.

WHO ने इमरजेंसी मीटिंग कर Omicron पर कहीं बड़ी बात

विश्व स्वास्थ संगठन(WHO) ने शुक्रवार को इमरजेंसी मीटिंग कर B.1.1.529 को corona का नया स्ट्रेन कहा है और इसे एक नया नाम  Omicron देते हुए इसे बेहद ही घातक बताया है साथ ही इसे Variant Of Concern  भी कहा.

दक्षिण अफ्रीका में कोविड-19 ने  तबाही मचा रखा है. दक्षिण अफ्रीका में नवंबर में जो मामले बढ़ रहे हैं वह इसी नए रूप के कारण है इस पर अभी पूरी जानकारी उपल्ब्ध नहीं है.

B.1.1.529 जिसे डब्ल्यूएचओ ने Omicron नाम दिया है, उससे भारत क्यों है चिंतित

कोविड-19 के इस नए स्ट्रेन से दक्षिण अफ्रीका में डर क महौल है. क्योंकी इस माह ही यहां corona के मामलों में 210% की वृद्धि हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता क्रिस्चियन लिंडमेयर का कहना है कि जो तथ्य अभी तक हमारे सामने आए हैं उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि यह बहुत ही खतरनाक है.

विश्व स्वास्थ संगठन के प्रवक्ता का कहना है कि अभी और अनुसंधान हो रहे हैं इसके बाद ही पूरी जानकारी दी जा सकती है

डब्ल्यूएचओ के अनुसार corona का  यह वैरिएंट बेहद ही खतरनाक इसलिए है क्योंकि बहुत ही तेजी से इसके जीन में बदलाव हो रहा है. यानी म्यूटेशन हो रहा है.

भारत के लिए खतरे की घंटी इसलिए है क्योंकि दक्षिण अफ्रीकी देशों से होते हुए कोविड-19 के इस नए स्ट्रेन का प्रभाव हांगकांग तक पहुंच चुका है.

भारत ने सभी एयरपोर्ट पर विदेश से आने वाले खासकर दक्षिण अफ्रीका हांगकांग से आने वाले यात्रियों पर सख्त निगरानी रखने के आदेश दे दिए हैं.

Covid-19 का यह नया वैरीअंट Omicron डेल्टा वेरियन के जैसा ही खतरनाक है या फिर उससे भी ज्यादा

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमीक्रोन को वैरीअंट ऑफ कंसर्न कहां है. डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इस में म्यूटेशन इतनी तेजी से हो रहे हैं जिस कारण से इसके फैलने की संभावना ज्यादा है.

साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता का कहना है कि क्योंकि वायरस के इस वैरीअंट में म्यूटेशन बहुत तेजी से हो रहे हैं इसलिए इसके अध्ययन की बहुत ज्यादा जरूरत है.

मालूम हो कि corona के इस नए वैरीअंट की सूचना  WHO को इसी महीने 24 नवंबर को पहुंची थी क्योंकि 24 नवंबर को ही इसके संक्रमण का सबसे पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में आया था.

इसे डेल्टा वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक माना जाये या नहीं इस पर अभी WHO ने कुछ भी नहीं कहा है. लेकिन variant Of Concern का तमगा मिलने के बाद इसके तेजी से फैलने की चिंता विश्व के देशों को सताने लगी है.

WHO जल्द ही जारी करेगा Omicron को लेकर सरकारों के लिए नई गाइडलाइन

कोरोनावायरस के इस नए वैरीअंट की भयावहता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन जल्द ही सरकारों के लिए नई गाइडलाइन जारी करेगा.

वैसे जैसे ही डब्ल्यूएचओ ने corona के इस नए वैरीअंट को वैरीअंट ऑफ कंसर्न का तमगा दिया वैसे ही विश्व के देशों की सरकारें सचेत हो गई हैं.

सरकारों ने अपनी तरफ से इस वायरस को लेकर सख्ती  दिखाना भी शुरू कर दिया है. यूरोपियन यूनियन ने अपने सदस्य देशों के बीच यह गाइडलाइन जारी कर दिया है कि अब वैक्सीन की  वैलिडिटी  9 महीने होगी.

यूरोपियन यूनियन ने कहा है की 9 महीने की वैलिडिटी के बाद लोगों को बूस्टर डोज लेना अनिवार्य होगा. इस प्रकार हम कह सकते हैं कि बूस्टर डोज के लिए अब उन देशों को तैयार रहना होगा जिन देशों में इस वैरीअंट के ज्यादा मामले पाए जाएंगे.

WHO Statements about B.1.1.529 OR Omicron: The Technical Advisory Group on SARS-CoV-2 Virus Evolution met today to review what is known about the #COVID19 variant B.1.1.529. They advised WHO that it should be designated a Variant of Concern.

चिंता की बात यह है कि इजरायल और बेल्जियम में भी corona के इस नई वैरीअंट के मामले पाए जाने लगे हैं. हांगकांग और बोत्सवाना में तो पहले ही इसके मामले मिल चुके हैं.

इस वैरीअंट के खतरे को देखते हुए फ्रांस ने दक्षिण अफ्रीका से आने वाले सभी फ्लाइटों पर 48 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया है. वही बेल्जियम ने भी अपने देश में सख्ती बरतनी शुरू कर दी है.

बेल्जियम में रेस्टोरेंट्स और होटलों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दिए हैं तो वहीं नाइटक्लब्स को 3 हफ्ते के लिए पूर्ण रूप से बंद कर दिया है.