NTPC RRB Exam

NTPC RRB Exam छात्रों पर FIR को लेकर रेलवे ने कही बड़ी बात

NTPC RRB Exam में कथित रूप से धांधली को लेकर छात्रों के उग्र प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR पर आज Railway ने कही बड़ी बात छात्रों के लिए जानना जरूरी

बीते जनवरी महीने में बिहार और उत्तर प्रदेश(UP) में रेलवे द्वारा आयोजित NTPC RRB Exam में कथित  धांधली को लेकर छात्रों ने खूब बवाल मचाया था.

इस प्रदर्शन के दौरान बिहार में पटना(Patna) गया(Gaya) सहित कई अन्य जगहों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सरकारी और निजी संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचाया गया था.

उग्र प्रदर्शन के दौरान हुए नुकसान को लेकर बहुत से छात्रों पर RPF और राज्य पुलिस द्वारा FIR दर्ज की गई थी.

छात्रों पर FIR के साथ-साथ कई जगहों पर पुलिस द्वारा मारपीट का मामला भी उजागर हुआ था. इसको लेकर प्रयागराज के हॉस्टल में छात्रों की पिटाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था.

जिसके बाद पुलिस की बर्बरता पूर्ण कार्रवाई को लेकर चौतरफा आलोचना हुई थी और इसका संज्ञान लेते हुए कई पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी किया गया था.

इन सभी घटनाओं के बीच जो सबसे बड़ी घटना थी वह थी पुलिस द्वारा निर्दोष छात्रों की गिरफ्तारी और उन पर किया गया FIR.

जब छात्र संगठनों और राजनीतिक पार्टियों द्वारा निर्दोष छात्रों पर एफ आई आर को लेकर आपत्ति जताई गई तो रेलवे ने अब इसको लेकर आज बड़ा बयान दिया है.

पूर्व मध्य रेलवे(ECR) के CRPO राजेश कुमार ने आज एक बयान जारी कर यह कहा है कि छात्रों पर सिर्फ FIR के आधार पर कार्रवाही नहीं की जाएगी और इसके लिए छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है.

पूर्व मध्य रेलवे(ECR) के CRPO राजेश कुमार ने यह जोर देते हुए कहा कि इस उग्र प्रदर्शन की गहन और निष्पक्ष जांच हो रही है और जो छात्र इसमें दोषी पाए जायेंगे सिर्फ उन्हीं छात्रों पर कार्यवाही की जाएगी.

मालूम हो कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई थी कि कई ऐसे छात्र जिनका इस प्रदर्शन से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं था फिर भी उन पर भी FIR दर्ज कर जेल में डाल दिया गया. जिस कारण कई छात्र SSC की परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाए थे.

जो छात्र SSC की परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाए उनको लेकर अभी तक सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.

बताते चलें कि किसी भी परीक्षा में सम्मिलित होने से छात्रों को रोकना उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है और इसके लिए दोषी अफसरों पर कार्रवाई भी हो सकती है.