Halwa Ceremony

No Halwa Ceremony: Budget 2022 पहली बार टूटी हलवा सेरेमनी की परंपरा

No Halwa Ceremony: Corona ने देश और दुनिया में बहुत से परंपराओं को बदलने पर मजबूर कर दिया है, इसका ताजा उदाहरण है बजट सत्र(Budget 2022) से पहले मनाया जाने वाला हलवा सेरेमनी

भारत में यह परंपरा रही है कि केंद्रीय बजट के पहले बड़ी सी कढ़ाई में हलवा बनाया जाता है और फिर वित्त मंत्री द्वारा इसका वितरण उन सभी लोगों में किया जाता है जो बजट निर्माण में भाग लेते हैं.

इस बार  corona मामलों को देखते हुए बजट सत्र(Budget 2022) से पहले हलवा सेरेमनी को रद्द कर दिया गया है. मालूम हो कि इस बार का Budget 2022 ऐतिहासिक होगा. इसके पीछे जो मूल कारण है वह यह है कि इस बार का बजट पूरी तरह से Digital होगा.

यानी साल 2022 का बजट पूरी तरह से Paperless होगा. ऐसा निर्णय corona के बढ़ते आंकड़ों और डिजिटल प्रक्रिया पर निर्भरता को बढ़ाने के लिए लिया गया है.

मालूम हो कि देश में corona की रफ्तार थोड़ी धीमी तो हुई है लेकिन अब एक बार फिर से मौतों का आंकड़ा बढ़ने लगा है.

बीते 24 घंटे में 800 से भी अधिक लोगों की मौत corona महामारी से हो गई. देश में सबसे अधिक बुरी स्थिति केरल और कर्नाटक की है.

केरल में बढ़ते मामलों की गंभीरता को देखते हुए Weekend Curfew का ऐलान किया गया है वहीं कुछ राज्यों से ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि corona की तीसरी लहर के दौरान लोगों में ब्रेन हेमरेज और मस्तिष्क की नसों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं.