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Morning news updates: GST Collection, Ambedkar जयंती, Corona , MGNREGAS जैसी बड़ी खबरों पर एक नज़र

Morning News updates में हम लेकर आते हैं उन सभी खबरों को संक्षिप्त रूप में जो बनती हैं दिनभर की सुर्खियां..

GST COLLECTION से बंधी उम्मीद, अर्थव्यवस्था पटरी पर आने के संकेत, महाराष्ट्र और गुजरात टॉप पर

जीएसटी यानी वस्तु एवं सेवा कर जिसकी शुरुआत साल 2017 में की गई थी.जब इसे लागू किया गया था तो सरकार ने कहा था यह कदम भारत की उन्नति में कीर्तिमान स्थापित करेगा.

मार्च 2021 में 1.23 लाख करोड़ का जीएसटी कलेक्शन हुआ है जो कि अभी तक का सबसे उच्च स्तर है. अगर पिछले अप्रैल यानी 2020 अप्रैल की बात करें तो यह कलेक्शन 32.294 करोड़ का था.

जून 2020 में यह 90917 करोड़ पहुंच गया था लेकिन जुलाई 2020 में इसमें कमी देखी गई इसके बाद नवंबर 2020 और फरवरी 2021 को अगर छोड़ दें तो जीएसटी कलेक्शन बढ़ता ही गया.

अप्रैल 2020 से मार्च 2020 तक कुल आगत 13755 करोड़ रुपए का रहा. केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने जीएसटी कलेक्शन के लिए मुस्तैदी बढ़ा दी है जिससे जीएसटी में फर्जीवाड़े को कुछ हद तक नियंत्रित किया गया है और समय बीतने के साथ-साथ व्यापारियों को जीएसटी के तकनीकी पहलू भी पहले से बेहतर ढंग से समझ आने लगी है. इन कारणों को जीएसटी में आए उछाल की वजह के रूप में देखा जा रहा है.

जीएसटी कलेक्शन में पांच राज्य जिनका योगदान सबसे अधिक रहा है वे इस प्रकार हैं:-

महाराष्ट्र (17038.049 करोड़), गुजरात(8197.04 करोड़) कर्नाटक (7914.98 करोड़) तमिल नाडु(7579.18 करोड़) और यूपी (6265.01 करोड़)

देश में कोरोनावायरस का कोहराम, दिल्ली और यूपी के आंकड़े भी डराने वाले एक दिन में 468 मौत

ऐसा लग रहा है देश में करोना कि दूसरी लहर आ चुकी है .अब जो आंकड़े आ रहे हैं वह बेहद डरावने हैं. बुधवार को 81398 नए मरीज आए अक्टूबर 2020 के बाद यह सबसे ज्यादा संख्या है और साथ ही साथ 468 लोगों ने अपनी जान भी गवाई.

अभी तक भारत में कुल 1.63 लाख मौतें हुई हैं. अगर टीकाकरण की बात करें तो अप्रैल 1 को जिस दिन से भारत में 45 साल से ज्यादा उम्र के बिना किसी गंभीर बीमारी वाले लोगों को ही टीका देने की शुरुआत की गई ऐसे 15.28 लाख लोगों ने टीके लगवाए.

वहीं अगर कुल टीकाकरण की संख्या की बात करें तो अभी तक भारत में 6.75 करोड़ लोगों को टिका दिया जा चुका है.

यूपी में 2600 केस आए वहीं दिल्ली में 2790 केस आए और 9 लोगों की इस बीमारी से मौत हो गई. दिल्ली में कोरोनावायरस अभी भी लोग सतर्क नहीं है अब लोग इसे उतनी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं जैसा कि पहले ले रहे थे.

केंद्र सरकार ने अंबेडकर जयंती पर की राष्ट्रीय अवकाश की घोषणा

केंद्र सरकार ने 14 अप्रैल यानी अंबेडकर जयंती के दिन राष्ट्रीय अवकाश की घोषणा की है. सरकार के इस फैसले से पांच राज्यों में होने वाले चुनाव पर असर पड़ सकता है वैसे तो अंबेडकर जयंती पर केंद्र सरकार से अवकाश की मांग लंबे समय से की जा रही थी और इसे एक सामान्य प्रक्रिया के तौर पर देखा जाना चाहिए.

मालूम हो कि अप्रैल 2020 में ही केंद्र सरकार ने अपने सभी कार्यालयों और बैंकों के लिए  14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर छुट्टी की घोषणा की थी.

भीमराव अंबेडकर का भारतीय संविधान के निर्माण में अहम योगदान रहा है. इस कारण उन्हें भारतीय संविधान का निर्माता कहा जाता है. मालूम हो कि भीमराव अंबेडकर संविधान के ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष थे.

कोरोना काल में MGNREGAS बना वरदान

कोरोना महामारी के कारण सरकार ने बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए मार्च 2020 में संपूर्ण लॉकडाउन का सख्त फैसला लिया था.

जिसके कारण पूरे देश में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया था खासकर मजदूर वर्गों को दिल्ली मुंबई जैसे बड़े शहरों से अपने गांव का रुख करना पड़ा था.

लेकिन गांव पहुंचने के बाद भी उनकी समस्या जस की तस बनी रही क्योंकि जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं के लिए धन की आवश्यकता होती है.

इस समस्या के समाधान के रूप में महात्मा गांधी नेशनल रूरल एंप्लॉयमेंट गारंटी स्कीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और साल 2020-21 में लगभग 11 करोड लोगों को रोजगार मुहैया कराया.

यह संख्या पिछले साल के मुकाबले 41% ज्यादा है मालूम हो कि इस योजना की शुरुआत साल 2006-07 में यूपीए सरकार द्वारा की गई थी.

उस समय विपक्ष और अभी सत्ता में आई भाजपा का कहना था मनरेगा UPA सरकार की नाकामी का उदाहरण है. ऐसा कहना एक हद तक सही भी था क्योंकि आए दिन इस स्कीम में अनियमितता की घटना सामने आती रहती थी. इसका अर्थ यही है कि दोष योजना में नहीं बल्कि इसके संचालन में होती है.