NITI Aayog CEO RAW Chief and IB Chief

Modi Government’s Big Decision On NITI Aayog CEO RAW Chief and IB Chief : मोदी सरकार का बड़ा फैसला परमेश्वर अय्यर को नियुक्त किया NITI आयोग का नया CEO तो वहीं RAW के चीफ को दिया 1 साल सेवा विस्तार

Modi Government’s Big Decision On NITI Aayog CEO RAW Chief and IB Chief :मोदी सरकार ने NITI आयोग के नए CEO के रूप में परमेश्वरन अय्यर को दिया मौका तो वहीं तपन कुमार डेका(Tapan Kumar Deka) नए IB चीफ, RAW के वर्तमान मुखिया सामंत कुमार गोयल को मिला सेवा विस्ता

आज केंद्र की मोदी सरकार ने तीन बड़े फैसले लिए जिसमें नीति आयोग के सीईओ (NITI Aayog CEO) की नियुक्ति से लेकर RAW चीफ सामंत कुमार गोयल के सिवा विस्तार और तपन कुमार डेका को नए IB चीफ बनाए जाने का फैसला शामिल है.

तपन कुमार डेका अरविंद कुमार(Arvind Kumar) की जगह लेंगे, जिनका विस्तारित कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो जाएगा. वहीं, परमेश्वरन अय्यर नीति आयोग के CEO नियुक्त किए गए हैं, 30 जून को अमिताभ कांत का कार्यकाल समाप्त जाएगा. अय्यर का कार्यकाल दो साल का होगा. खुफिया विभाग के प्रमुख सामंत कुमार गोयल(Samant Kumar Goyal) को एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है.

उधर आज द्रोपदी मुर्मू(Draupadi Murmu) ने राष्ट्रपति पद के लिए नॉमिनेशन कर दिया है. द्रोपदी मुर्मू को बीजेपी और उसके सहयोगी पार्टियों ने अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं द्रोपदी मुर्मू को YSR कांग्रेस और उड़ीसा के बीजू पटनायक के दल का भी समर्थन प्राप्त है. इस प्रकार देखा जाए तो द्रोपदी मुर्मू का राष्ट्रपति चुनाव(President Election) में जीतना लगभग तय है.

इस सबके बीच महाराष्ट्र में चल रहा सियासी संकट और गहरा गया है. जहां उद्धव ठाकरे ने यह साफ कहा है कि मैंने अभी मुख्यमंत्री कब पद नहीं छोड़ा है. वहीं शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे मुंबई आने वाले थे लेकिन वह फिर से गुवाहाटी में ही रुक गए हैं.

अब आगे क्या होगा इसके बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है. लेकिन ऐसा भी माना जा रहा है कि एकनाथ शिंदे गोवा(Goa) जाने की तैयारी कर सकते हैं. क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल कोशियारी कोरोना से पीड़ित हैं और ऐसी स्थिति में गोवा के राज्यपाल को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है.

अगर गोवा के राज्यपाल को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार दिया गया तो एकनाथ शिंदे के लिए यह बेहतर मौका होगा, क्योंकि इस प्रकार से वो मुंबई आने से बच जाएंगे और अपने विधायकों की पैरेड गोवा में ही राज्यपाल के सामने करा सकेंगे. लेकिन अभी ये सारी बातें सिर्फ अटकलें हैं और इस प्रकार की कोई भी घोषणा आधिकारिक तौर पर नहीं की गई है.