Covid-19

Covid-19:- RTPCR TEST के बिना DELHI में NO ENTRY: दिल्ली सरकार का फैसला

भारत में कोरोना (Covid-19)के मामले एक बार फिर से बढ़ते जा रहे हैं. अभी तक एक लाख 56 हजार से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है जबकि एक करोड़ 10 लाख से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं.

इसी बीच एक संतोषजनक बात यह है कि लगभग एक करोड़ सात लाख लोगों ने इस बीमारी को मात दे दिया है.

एक्टिव मरीजों की बात करें तो यह संख्या एक लाख 44 हजार से ज्यादा है जिनका का इलाज अभी चल रहा है.

सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों की बात करें तो इसमें महाराष्ट्र पहले नंबर पर आता है पिछले कुछ दिनों से यहां कोरोना के मामले में एक बार फिर से तेजी आई है.

महाराष्ट्र के 36 जिलों में कोरोना ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है. सबसे ज्यादा पुणे, मुंबई ठाणे, नागपुर और अमरावती जिले में केस मिल रहे हैं. महाराष्ट्र में कुल मौतों की संख्या 51 हजार से ज्यादा है.

वहीं अगर बात मध्यप्रदेश की करें तो मध्य प्रदेश के 3 जिलों में हालात बेकाबू हो रहे हैं इनमें इंदौर, भोपाल और बैतूल शामिल हैं.

अगर संपूर्ण भारत की बात करें तो अब देश के 122 जिले ऐसे हैं जहां कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं.

इन्हीं सब कारणों से दिल्ली सरकार ने फैसला लिया है कि 27 फरवरी से लेकर 15 मार्च तक देश के 5 राज्यों से आने वाले लोग बिना आरटी पीसीआर टेस्ट के नेगेटिव आए दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे. ये पांच राज्य हैं महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल और पंजाब.

यह जरूरी है कि RTPCR TEST की रिपोर्ट 72 घंटे से ज्यादा पुरानी ना हो.अगर यह रिपोर्ट 72 घंटे से ज्यादा पुरानी होगी तो दिल्ली में आने की इजाजत नहीं मिलेगी. जांच का जिम्मा इन राज्यों के नोडल ऑफिसरों के ऊपर रहेगा.

यह नियम फ्लाइट, ट्रेन और बस से दिल्ली आने वाले यात्रियों के संदर्भ में हैं जबकि कार से दिल्ली आने वाले लोगों पर यह नियम लागू नहीं होगा.

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है vaccination की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है. वहीं अब सरकार Covin App पर अपनी निर्भरता कम करना चाह रही है क्योंकि Covin App के कारण वैक्सीनेशन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.

टीकाकरण में तेजी लाने के लिए सरकार प्राइवेट सेक्टर को भी इस अभियान से जोड़ने जा रही है वैसे तो कुछ प्राइवेट सेक्टर अभी भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं लेकिन प्राइवेट सेक्टर की सहभागिता को और अधिक बढ़ाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है.

प्राइवेट सेक्टर की सहभागिता के संबंध में विप्रो के चेयरमैन अज़ीम प्रेमजी का बयान बहुत ही मायने रखता है.

अज़ीम प्रेमजी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कहा है कि अगर सरकार टीकाकरण अभियान में निजी क्षेत्रों को शामिल करती है तो सिर्फ 60 दिनों में 50 करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण हो जाएगा और 6 महीने में पूरे देश की जनता को कोरोना का टीका लगाया जा सकता है.

उनके अनुसार ₹400 प्रति टीका में टीकाकरण का कार्यक्रम किया जा सकता है. प्रेमजी ने कहा हम सिरम संस्थान को ₹300 प्रति टीका और अस्पताल व निजी नर्सिंग होम को ₹100 प्रति टीका देकर आम जनों को टीका उपलब्ध करवा सकते हैं.

इस प्रकार ₹400 प्रति टीका के साथ बहुत बड़ी जनसंख्या का टीकाकरण किया जा सकता है. मालूम हो कि वैक्सीनेशन में दो बार में प्रति व्यक्ति को एक-एक टीका लगाया जाता है.

अगर बात सरकारी खर्चे की करें तो सरकार ने प्रति व्यक्ति ₹700 खर्च करने का लक्ष्य रखा है जिसके लिए 35000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है. जिससे करीब 50 करोड लोगों का टीकाकरण हो सकता है.

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