Bulli Bai app

Bulli Bai app मास्टरमाइंड श्वेता सिंह(Shweta Singh) ने बताया इसका Nepal कनेक्शन

Bulli Bai app की मास्टरमाइंड श्वेता सिंह (Shweta Singh) को मुंबई पुलिस ने उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया है. श्वेता सिंह ने Bulli Bai को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है, उसने बताया कि इस में एक नेपाली नागरिक भी है शामिल.

कौन है Bulli Bai app की मास्टरमाइंड श्वेता सिंह (Shweta Singh): Bulli Bai app को ऑपरेट करने वाली मास्टरमाइंड श्वेता सिंह(Shweta Singh) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है श्वेता सिंह की गिरफ्तारी उत्तराखंड से हुई है. वह मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाले है. श्वेता सिंह की उम्र 18 साल बताई जा रही है.

श्वेता सिंह ने Bulli Ba App के मामले में एक नेपाली नागरिक जियाउ का नाम लिया है. श्वेता सिंह का कहना है कि इस ऐप को ऑपरेट करने में के लिए जो दिशा निर्देश उसे प्राप्त हो रहे थे वह इसी नेपाली नागरिक द्वारा दिया जा रहा था.

लेकिन अभी तक पुलिस मास्टरमाइंड के तौर पर श्वेता सिंह को ही लेकर चल रही है. श्वेता सिंह मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली है और इसके मां-बाप दोनों ही नहीं है. श्वेता सिंह के परिवार में एक छोटी बहन एक बड़ी बहन और एक भाई है. श्वेता सिंह अभी इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए प्रयासरत है.

विशाल कुमार झा(Vishal Kumar Jha) की गिरफ्तारी : मालूम हो कि कल Bulli Bai मामले में मुंबई पुलिस ने मूल रूप से बिहार के रहने वाले विशाल कुमार झा(Vishal Kumar Jha) की गिरफ्तारी की थी. पुलिस ने बताया था कि विशाल कुमार झा और श्वेता सिंह आपस में दोस्त हैं और इनकी दोस्ती सोशल मीडिया पर हुई थी.

पुलिस के अनुसार विशाल कुमार और श्वेता सिंह दोनों  मिलकर Bulli Bai App पर मुस्लिम महिलाओं की  आपत्तिजनक फोटो पोस्ट किया करते थे और उसे नीलामी के लिए रखते थे.

इन लोगों पर आरोप है कि यह लोग मुस्लिम महिलाओं की फोटो को छेड़छाड़ कर और ग्राफिक्स के द्वारा आपत्तिजनक स्वरूप देते थे और फिर उनको ऑक्शन के लिए इस ऐप पर डालते थे.

मुंबई पुलिस Bulli Bai App के साथ साथ कुछ दिन पहले sulli deals नामक ऐप के द्वारा जो अपराधिक गतिविधियां हुई थी उसकी भी जांच कर रही है और पुलिस यह देख रही है कि कहीं विशाल कुमार और श्वेता सिंह का संबंध इस एप से भी तो नहीं था.

जैसे ही  यह मामला सामने आया है राजनीतिक गलियारे में भी तहलका सा मच गया है. कांग्रेस  नेता शशि थरूर ने इसे एक Cyber Crime बताया और उन्होंने पुलिस से तुरंत कार्रवाई करने का आह्वान किया.

मालूम हो कि इस पूरे षडयंत्र की मास्टरमाइंड श्वेता सिंह नकली टि्वटर हैंडल का इस्तेमाल करती थी और इस प्यू हैंडल से बेहद आपत्तिजनक तस्वीरों को पोस्ट किया जाता था.

इस ऐप पर उन्हीं महिलाओं को टारगेट किया गया था जो कि ट्विटर और फेसबुक पर काफी चर्चित थी और सबसे बड़ी बात यह है कि इस पर खासकर एक समुदाय विशेष की महिलाओं को टारगेट किया गया था.

इस App पर 100 से भी अधिक महिलाओं को टारगेट किया गया और इसमें सभी महिलाएं मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखती हैं .इस कारण अब यह मामला अल्पसंख्यक बनाम बहुसंख्यक का भी बनता जा रहा है.

जानी-मानी पत्रकार साक्षी जोशी ने इस मामले पर सुस्ती बरतने को लेकर दिल्ली पुलिस को भी आड़े हाथों लिया है. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल  पर लिखा है कि दिल्ली पुलिस को मुंबई पुलिस से कुछ सीखना चाहिए.

जिन महिलाओं की तस्वीरों को एडिट कर कर इस ऐप पर डाला गया था अब धीरे-धीरे वो महिलाएं भी खुलकर सामने आ रही हैं लेकिन अभी भी ज्यादातर महिलाएं खुलकर सामने आने से बच रही हैं.

अब देखना यह है कि मुंबई पुलिस आगे इस संबंध में क्या कार्यवाही करती है और इसमें और किन किन नामों का खुलासा होता है.

नेपाली नागरिक के नाम जुड़ने के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय बनता जा रहा है. अब इस मामले को लेकर विदेशी मीडिया में भी खूब चर्चे हो रहे हैं.

जिससे कि पुलिस और प्रशासन पर तो सवाल उठ रहे हैं साथ ही अब इस बात पर भी चर्चा छिड़ गई है कि क्या भारत में अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है.

यह बातें इसलिए हो रही है क्योंकि जब Sulli Deals  ऐप को लेकर मामला गर्म हुआ था तो उसके बाद कुछ दिनों तक तो जांच होती रही लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया. जिसे लेकर आज लोग दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठा रहे हैं.

लोगों का कहना है कि अगर उसी वक्त सख्त कदम उठाए जाते तो आज जो यह घटना हुई है वो नहीं होती. लोगों का यह भी कहना है कि यह किसी धर्म विशेष से जुड़ा मामला नहीं है बल्कि यह औरतों की गरिमा का सवाल है.

मालूम हो कि आपत्तिजनक फोटो या फिर पोस्ट को सोशल मीडिया या फिर अन्य किसी इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म पर पोस्ट करना एक अपराध है और जिसको लेकर भारत में अब सख्त कानून भी है.