Bulldozer Action

Bulldozer Action After Prayagraj Violence: प्रयागराज हिंसा मामले में मुख्य आरोपी जावेद के घर पर चला बुलडोजर, मामला पहुंचा हाईकोर्ट

Bulldozer Action After Prayagraj Violence: प्रयागराज हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद(Javed) के घर को  बुलडोजर से किया जमींदोज ,पुलिस ने कहा अवैध निर्माण गिराया गया, परिवार पहुंचा हाईकोर्ट की शरण में, वकीलों ने कहा मकान पत्नी के नाम पर..

प्रयागराज (Bulldozer Action After Prayagraj Violence) में नूपुर शर्मा के विवादित बयान के विरोध में बीते शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी हिंसा हुई थी.जिसमें कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे. प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया था और पुलिस पार्टी पर पत्थरबाजी भी की थी.

Bulldozer action in Prayagraj

प्रयागराज हिंसा की घटना के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अभी भी पुलिस की धरपकड़ जारी है. पुलिस इस घटना के पीछे जावेद( Prayagraj Violence Mastermind Javed)  को मास्टरमाइंड बता रही है. आज पुलिस ने जावेद के घर को बुलडोजर द्वारा ढाह दिया.

बुलडोजर की कार्र्वाई का वीडियो(Video Bulldozer Action In Prayagraj)

इस घटना के बाद लोगों की राय भी बंट गई है. जहां कुछ लोग इसे पुलिस प्रशासन द्वारा उठाया गया अच्छा कदम बता रहे हैं और कह रहे हैं कि इससे असामाजिक तत्वों को एक मैसेज जाएगा जिससे वह आगे ऐसी घटना नहीं करेंगे तो वहीं कुछ लोग इस घटना को लेकर प्रशासन के दावे पर सवालिया निशान लगा रहे हैं.

आरोपी और पुलिस द्वारा बताए जा रहे प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद के घर पर बुलडोजर चलाने को लेकर प्रशासन द्वारा जो सफाई दी जा रही है उसमें वही सारी बातें कही जा रही हैं जो कि ऐसी घटनाओं में पहले भी कही जाती रही हैं कि यह अवैध निर्माण का मामला था और प्रशासन को जैसे ही अवैध निर्माण (Illegal Construction)  की सूचना मिली उसने अपना काम किया.

लेकिन इन सबके बीच एक सवाल यह उठता है कि अवैध निर्माण की याद प्रशासन को कोई अप्रिय घटना घटने के बाद ही क्यों आती है. अगर वह अवैध निर्माण था तो उस पर कार्यवाही पहले क्यों नहीं की हुई? आखिर विकास प्राधिकरण के कर्मचारी पहले से क्या कर रहे थे.

ये सारे सवाल उठना लाजमी है लेकिन प्रयागराज हिंसा के आरोपी जावेद के घर से कुछ हथियार भी बरामद हुए हैं इसलिए जावेद की भूमिका की सख्ती से जांच भी जरूरी है. क्योंकि अगर जावेद प्रयागराज हिंसा में मास्टरमाइंड के रूप में शामिल था तो पुलिस प्रशासन को जल्द से जल्द उसके खिलाफ सबूत जुटाने चाहिए.

दूसरी तरफ जावेद के घर पर बुलडोजर चलाने के बाद यह मामला हाईकोर्ट चला गया है. वकीलों का कहना है कि जिस घर पर बुलडोजर की कार्यवाही की गई है वह घर जावेद की पत्नी के नाम पर है. इस कारण प्रशासन का यह रवैया पूरी तरह से गैर कानूनी है.

बताते चलें कि आए दिन यूपी में अवैध निर्माण को लेकर हो रही कार्यवाही पर कल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी यह साफ कहा था कि सिर्फ अवैध निर्माण को ढहा जाएगा और सभी प्रक्रियाएं कानून के दायरे में होंगे. योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा था कि अगर अवैध निर्माण से कोई गरीब तबका प्रभावित होता है तो सबसे पहले उसके पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी.