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अमेजॉन (Amazon) पर कढ़ी पत्ता के नाम पर मध्य प्रदेश(MP) सहित कई राज्यों में बेचा जा रहा था गांजा, अमेजॉन के अधिकारयों पर NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज

Amazon पर कुछ असामाजिक तत्व कढ़ी पत्ता के नाम पर गांजा का कारोबार कर रहे थे.MP समेत कई राज्यों में फल-फूल रहा था कारोबार. NDPS एक्ट के तहत अमेजॉन के अधिकारियों पर केस दर्ज.

Amazon सहित कई अन्य ई-कॉमर्स साइट पर आप और हम कुछ भी बस पलक झपकते आर्डर करते हैं. लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि वहां कढ़ी  पत्ता बेचने के नाम पर गांजे का कारोबार हो रहा था.

जी हां यह सही घटना है, मध्य प्रदेश(MP) पुलिस ने Amazon पर कढ़ी पत्ता के नाम पर गांजा बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस संबंध में डिलीवरी बॉय, ड्राइवर और इस गिरोह के कर्ताधर्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है.

इस कारोबार में कढ़ी पत्ते के नाम पर गांजे  की सप्लाई विशाखापट्टनम से की जाती थी और इस  गिरोह  का पूरा संचालन मध्यप्रदेश के भिंड जिले से किया जा रहा था.

भिंड जिले का गोविंद ढाबा बना था सरगने का अड्डा, यहीं से मध्य प्रदेश के अन्य जिलों की जाती थी गांजे की सप्लाई

मध्यप्रदेश के भिंड जिले का गोविंद ढाबा इस गिरोह का अड्डा था. यहीं से यह पूरा सरगना अपने काम को अंजाम देता था. इस सरगना का हेड कल्लू पवैया बताया जा रहा है.

कल्लू पवैया ने विशाखापत्तनम के एक व्यक्ति के साथ सांठ-गांठ कर  गांजे की बिक्री और अमेजन पर कंपनी का संचालन किया करता था.

बीते 13 नवंबर को जब मध्य प्रदेश पुलिस ने गांजा की बरामदगी की तो पुलिस वाले उस समय अचंभे में पड़ गए. क्योंकि गांजा अमेजन की रैपर  में पैक था. ठीक उसी तरह से जैसे अमेजन पर अन्य चीजों की पैकिंग की जाती है.

फिर पुलिस ने एक-एक कर कड़ी जोड़नी शुरू की, तब यह पता चला गांजा सप्लाई के इस गिरोह ने अमेज़न पर Babu Tax Kadhi Patta के नाम से एक कंपनी रजिस्टर्ड कर रखी है और इसी कंपनी की मदद से भारत के कई राज्यों के कई जिलों में गांजे का कारोबार कर रहे थे.

अमेजॉन पर कंपनी रजिस्टर्ड करने के लिए GSTN नंबर की जरूरत होती है. जिससे कि किसी कंपनी के आइडेंटिफिकेशन का पता चलता है.

इस नंबर का जुगाड़  कल्लू पवैया ने विशाखापत्तनम के बासु नाम के व्यक्ति की मदद से की और कंपनी को विशाखापत्तनम के एड्रेस पर ही रजिस्टर्ड कराया. जब हम अमेज़न पर जा कर Babu Tax Kadi patta सर्च करते हैं तो हमें उस पर जो प्रोडक्ट दिखते हैं वह कुछ और ही होते हैं.

amazon पर इस प्रकार अवांछित वस्तुओंं का कारोबार करना बिना amazon के अधिकारियों के मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता. इसलिए शक की सुई अमेजन के बड़े अधिकारियों की तरफ भी जाती है. मध्य प्रदेश पुलिस ने अमेजन के कई अधिकारियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है.