POSITIVE THOUGHTS FOR COVID-19: कोरोना हमारे जीवन के लिये अल्पविराम है पूर्णविराम नहीं , इस महामारी ने सबके जीवन को प्रभावित किया है लेकिन फिर भी The Show Must Go ON

#COVID19 #POSITIVE #THOUGHTS #LOCKDOWN अगर द्वंद्व नहीं है तो तुम गांधी हो सकते हो, तुम चर्चिल हो सकते हो, तुम बुद्ध हो सकते हो, तुम मोहम्मद हो सकते हो, तुम राम … Read More

COVID-19: कोरोना के इस बुरे दौर में जहां हर तरफ हताशा और निराशा का वातावरण है, इन सब से बाहर निकलने के प्रयास में एक “कविता”

COVID-19 कविता बाधाओं के पार कुछ है, बैठ चुप कुछ देर तुम, इन शब्दों के पार कुछ है.. बाधाओं के पार कुछ है… अपना-अपना सब हैं करते, हो समर्पित औरों … Read More

स्वाभिमान अभिमान जब हो जाता है

  स्वाभिमान अभिमान जब हो जाता है,मानव खुद के ही विरुद्ध तब हो जाता है! गढ़ने लगता है संबंधों की नई परिभाषाएंकर्ण दुर्योधन का मित्र हो जाता है। घात-प्रतिघात, वैर-विषय, … Read More